जंगल में गोलियों की गूंज… और अचानक जानलेवा हमला!
बीजापुर के पहाड़ों में मुठभेड़ के बीच भालू-वनभैंसा का कहर, दो जवान घायल; 6 माओवादी ढेर

बीजापुर: उत्तर-पश्चिम बीजापुर के घने जंगल-पहाड़ी इलाकों में उस वक्त दहशत फैल गई, जब सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ के बीच अचानक जंगली जानवरों का हमला भी सामने आ गया। थाना भोपालपटनम और फरसेगढ़ की सरहद से सटे इलाके में चली इस कार्रवाई में जहां 06 माओवादी कैडर ढेर कर दिए गए, वहीं भालू और वनभैंसा के हमले से दो जवान घायल हो गए।
टॉप माओवादी लीडर ढेर, 8 लाख का इनामी खत्म
मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी का इंचार्ज और शीर्ष माओवादी नेता DVCM दिलीप बेंडजा भी शामिल है, जिस पर 08 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ढेर हुए 6 माओवादियों में 04 महिला माओवादी भी शामिल बताई जा रही हैं। इस सफलता को सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
आंकड़े जो माओवादी नेटवर्क की टूटती कमर दिखाते हैं
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले में माओवादी विरोधी अभियान लगातार जारी है।
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वर्ष 2025 में: 163 माओवादी मारे गए
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वर्ष 2026 में अब तक: 08 माओवादी ढेर
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जनवरी 2024 से अब तक:
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229 माओवादी मारे गए
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1126 गिरफ्तार
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876 ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की
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मुठभेड़ के बीच जंगल का खौफनाक चेहरा
अभियान के दौरान जंगल में भालू और वनभैंसा के अचानक हमले से दो जवान घायल हो गए। उन्हें सुरक्षित रूप से हायर सेंटर भेजा गया है। राहत की बात यह है कि दोनों जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने अभियान की कठिनाइयों और जंगल के खतरों को उजागर कर दिया है।
आईजी का दावा—अंत की ओर माओवादी प्रभाव
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि निरंतर आसूचना-आधारित अभियानों और स्थानीय सहयोग से माओवादी प्रभाव लगभग समाप्ति की ओर है। उन्होंने शेष बचे माओवादियों से आत्मसमर्पण कर शांति और विकास के मार्ग को अपनाने की अपील की।
एक ओर गोलियां, दूसरी ओर जंगली जानवर…
बीजापुर के जंगलों में चला यह अभियान दिखाता है कि सुरक्षाबल दोहरी चुनौती से जूझ रहे हैं—माओवाद और जंगल का खौफ। लेकिन हालिया कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा बल पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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