वेदांता कोल साइडिंग भी अवैध…सार स्टील एंड पावर की स्थापना भी होगी अवैध, सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा सड़क हादसे में तीन की मौत एक टेलर, उद्योग स्थापना के बाद बढ़ जायेगा कई गुना

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रायगढ़ । रायगढ़ खरसिया नेशनल हाइवे में वेदांता कोल एंड लॉजिस्टिक के करीब हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर मौत ने लोगों को दहला दिया है। ये वेदांता कोल एंड लॉजिस्टिक भी उसी कुनकुनी आदिवासी जमीन घोटाले पर स्थित है। इसी आदिवासी जमीन के खुलासे के बाद कमिश्नर कोर्ट ने जमीन खरीदी बिक्री को निरस्त करने का आदेश दिया था। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी ने कहा की जिस 300 एकड़ के विवादित भूखंड में उद्योग स्थापित किया जाना है वह कमिश्नर कोर्ट के आदेश के लिहाज से अवैध है और दूसरी स्थापित वेदांता कोल एंड लॉजिस्टिक भी अवैध है इन पर नियमानुसार कार्यवाही होनी चाहिए उद्योगों को सीज कर अपने कब्जे में प्रशासन को ले लेना चाहिए।

जिस पर 20 जनवरी को एक और उद्योग स्थापना की जनसुनवाई होने जा रही है जन सुनवाई तो एक महज खानापूर्ति है। जन सुनवाई को सफल करने के लिए जानकार बता रहे हैं की करीब 50 से 70 ऐसे ग्रामीणों को तैयार किया जा रहा है जो माइक पर आकर इसके समर्थन में बोलेंगे खास बात ये है कि इन लोगों कितना और क्या बोलना है इसकी पट्टी भी बखूबी पढ़ा दिया गया है। ये वो लोग होंगे जो चंद विरोध करने वालों पर संख्या बल के हिसाब से भारी पड़ जायेंगे और तमाम विरोध के बाद भी जनसुनवाई संपन्न हो जायेगी।
बता दें की कुनकुनी जमीन घोटाला का जिन्न सामने आने के बाद पटवारी, पंचायत सचिव समेत 6 शासकीय कर्मचारियों पर निलंबन की भी गाज गिर चुकी थी। कार्रवाई के दौरान एक आदिवासी की मौत भी कई सवालों को जन्म दिया था किंतु समय ने सारे घोटाले की परत पर परदा डाल दिया और तत्समय कोल कोल साइडिंग निर्माण को लेकर डीआरएम तक की पेशी हो चुकी थी और वेदांता कोल साइडिंग निर्माण पर भी रोक लगना था किंतु इस 3 सौ एकड़ की आदिवासी जमीन घोटाले को 170 ख के तहत मामला पंजीबद्ध कर जमीन खरीदी बिक्री की कारवाई को शून्य घोषित करना था पर इससे जुड़े लोग रसूखदार होने के साथ तत्समय की भाजपा सरकार के मंत्रियों के करीबी होने की वजह से कारवाई को बीच में रोक दी गई और आज इस पर एक नया उद्योग लगाने की कारवाई शुरू की गई है। अशोक तोता के द्वारा इसी विवादग्रस्त जमीन पर वृहद सार स्टील एंड पावर प्लांट की स्थापना की अनुमति दे दी गई जो पूरी तरह से अवैधानिक तरीके से है।

सामाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी ने बताया की राजस्व मंडल के आदेश के अनुसार सार स्टील स्थापना भूमि वादग्रस्त है और वादग्रस्त भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं कराया जा सकता है और इसी वादगृस्त भूमि पर स्थित वेदांता के साइडिंग और कोल वाशरी भी अवैध है इस पर तत्काल कारवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा की आज हादसे में तीन बेकसूरों की जान गई है उद्योग स्थापना के बाद बेकसूरों की मौत का आंकड़ा कई गुना बढ़ जायेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर और खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा।

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