हिड़मा के ढेर होते ही फूटा राजनीतिक बारूद! केंद्रीय मंत्री का दावा—अब कांग्रेस को नहीं मिलेगी नक्सलियों की छाया में मदद

सुकमा/बीजापुर। बस्तर के जंगलों में लंबे समय से खूनी घटनाओं का मास्टरमाइंड और मोस्ट वांटेड माओवादी नेता माड़वी हिड़मा सुरक्षाबलों द्वारा ढेर कर दिया गया। इस बड़ी सफलता के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने इस ऑपरेशन को न सिर्फ ऐतिहासिक बताया, बल्कि दावा किया कि मार्च 2026 तक पूरा छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त हो जाएगा।
हिड़मा के खात्मे पर केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। तोखन साहू ने कहा कि नक्सलवाद कांग्रेस के शासनकाल में पनपा और चुनावों में फायदा उठाने के लिए कांग्रेस ने नक्सलियों से “मदद” ली। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि नक्सलवाद खत्म हो।
तोखन साहू ने तो यहां तक दावा कर दिया कि
“हिड़मा की मौत के बाद आज कुछ कांग्रेसी नेता उसे गले लगाकर रोए। इससे साफ है कि कांग्रेस के समय नक्सली ज्यादा सक्रिय और संरक्षित थे।”
उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर पुनर्वास नीति में शामिल हों और सामान्य जीवन अपनाएँ।
इस बीच, आधिकारिक जानकारी के अनुसार, माड़वी हिड़मा को छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ में ढेर किया गया। आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड कमांडो सर्चिंग पर थे, तभी जंगल में भारी मुठभेड़ हुई। मारे गए 6 नक्सलियों में से 4 की पहचान हो चुकी है—
-
हिड़मा (CCM)
-
राजे (हिड़मा की पत्नी, DVCM)
-
चेल्लूरी नारायणा (SZCM)
-
टेक शंकर
सूत्र बताते हैं कि सभी नक्सली बड़े कैडर के सदस्य थे। मुठभेड़ अल्लुरी सीताराम जिले में हुई और अब इलाके में सुरक्षा बल सर्चिंग और निगरानी जारी रखे हुए हैं।
हिड़मा का अंत नक्सलियों के नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, और इसने राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है।
|
|
|
|
![]() |
![]() |
| ||






