Raigarh News: विशेष वर्ग की युवती के अपहरण, दुष्कर्म एवं धमकी मामले में आरोपी गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर बनाया शारीरिक संबंध, विरोध पर देता था धमकी

पीड़िता को जबरन मोटरसाइकिल में बैठाकर रायगढ़ और ओडिशा ले गया था आरोपी
घरघोड़ा पुलिस की कार्रवाई, एससी/एसटी एक्ट एवं बीएनएस की गंभीर धाराओं में आरोपी न्यायिक रिमांड पर
“महिला विरुद्ध अपराध के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है, ऐसे मामलों में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी”— एसएसपी शशि मोहन सिंह
रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर महिला एवं विशेष वर्ग के विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई के क्रम में थाना घरघोड़ा पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म एवं एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के गंभीर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। मामले में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय पीड़िता ने 31 मई 2026 को थाना घरघोड़ा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह विशेष वर्ग से संबंधित है। करीब एक वर्ष पूर्व उसकी पहचान ग्राम पुसल्दा निवासी ललित लोहार से हुई थी, जो स्थानीय फ्लाई ऐश ब्रिक्स भट्ठे में कार्य करता था। आरोपी ने पीड़िता को प्रेम एवं विवाह का झांसा देकर विश्वास में लिया और उसके बाद लगातार दबाव एवं धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि होली के कुछ दिनों बाद 8 मार्च 2026 को आरोपी ने गांव के एक बाड़ी क्षेत्र में उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाया तथा घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी लगातार उसे डरा-धमकाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। आरोपी विवाह नहीं करने पर उसे जबरन उठा ले जाने की धमकी भी देता था।
जबरन घर से ले जाकर एक सप्ताह तक रखा अपने कब्जे में
पीड़िता ने बताया कि 11 मई 2026 की रात लगभग 11 बजे आरोपी उसके घर पहुंचा और बाहर बुलाकर जबरन मोटरसाइकिल में बैठाकर रायगढ़ ले गया, जहां उसके माता-पिता किराये के मकान में रहते थे। आरोपी के माता-पिता द्वारा युवती को घर छोड़ने की समझाइश दिए जाने के बावजूद आरोपी ने उसे अपने साथ रखा और एक सप्ताह तक डरा-धमकाकर शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में आरोपी उसे ओडिशा स्थित अपनी नानी के घर भी ले गया, जहां उसने युवती को अपनी पत्नी बताकर परिचय कराया।
ओडिशा में रहने के दौरान पीड़िता ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद 28 मई 2026 को परिजन वहां पहुंचे और उसे वापस घर लेकर आए। घर लौटने के बाद भी आरोपी लगातार उसे पुनः उठा ले जाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता रहा, जिसके कारण पीड़िता भयवश तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकी।
एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 186/2026 धारा 64(2)(ड), 127(4), 140(3), 351(3) बीएनएस एवं धारा 3(2)(अ) एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता के कथनों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं।
मुखबिर सूचना पर दबिश, आरोपी गिरफ्तार
विवेचना के दौरान थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को आरोपी की मौजूदगी संबंधी सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश देकर आरोपी ललित लोहार उर्फ ललित अगरिया को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी की वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश-
“महिलाओं एवं विशेष वर्ग के व्यक्तियों के विरुद्ध अपराधों को रायगढ़ पुलिस अत्यंत गंभीरता से लेती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने और आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के शोषण, धमकी या अत्याचार की स्थिति में पीड़ित अथवा उनके परिजन बिना संकोच पुलिस से संपर्क करें।”
गिरफ्तार आरोपी :-
ललित लोहार उर्फ ललित अगरिया पिता मकुंद अगरिया, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम पुसल्दा, थाना घरघोड़ा, जिला रायगढ़ (छ.ग.)
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