अंडर-19 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप…रायपुर की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने खिलाड़ियों को हर मैच के लिए रखा फिट…इसको बताई जीत की बड़ी वजह

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रायपुर। भारत ने पहले अंडर-19 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया है। भारतीय टीम ने फाइनल में इंग्लैंड को 7 विकेट से हरा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे रायपुर की बेटी का अहम रोल है। भारत की महिला खिलाड़ियों की टीम में बतौर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और फिजियो एक्सपर्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने काम किया है। आकांक्षा रायपुर की रहने वाली हैं। यहीं से उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की कुछ समय स्टेट क्रिकेट संघ के लिए काम किया और इसके बाद नेशनल टीम का हिस्सा बनीं।

अंडर-19 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को फिट रखना। उन्हें कोई सीरियस इंजरी न हो इसका ख्याल रखना आकांक्षा के जिम्मे ही था। वो टीम इंडिया की बैक बोन बनकर पिछले 5 महीनों से साथ हैं। हर मैच के बाद किस खिलाड़ी को रेस्ट देना है, किसे थैरेपी की जरुरत है ताकि वो मैदान में अच्छा कर पाए ये काम आकांक्षा ने बखूबी संभाला।

 हर खिलाड़ी पर नजर
आकांक्षा ने बताया कि ये अंडर-19 विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप भारत के लिए अहम था। शुरू से ही तैयारी पर फोकस रहा। टीम इंडिया लगातार टूर पर थी। इस बीच हम टीम के कोच से संपर्क में रहते थे कि किस खिलाड़ी की फिजिकल कंडीशन कैसी है। यंग लड़कियां थी हमने खास ख्याल रखा कि अच्छे प्लेयर्स मैच में रेडी रहें।
आकांक्षा ने बताया कि टीम की प्लेयर शेफाली और ऋचा को छोड़कर बाकि की सभी लड़कियां पहली बार बाहर ट्रैवल कर रहीं थीं। हमें यही समझाया जाता था कि जैसे इंडिया के हर मैदान में दम दिखाया है यहां भी दिखाना है। किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी न हो इसका हम ध्यान रखते थे।

आकांक्षा ने करीब से भारत की अंडर-19 विमेंस क्रिकेट टीम को देखा है। उन्होने भारत की ऐतिहासिक जीत के पीछे की वजह भी बताई। आकांक्षा ने कहा कि हमारी जीत के पीछे की बड़ी वजह है तैयारी। यहां लड़कियां काफी छोटी उम्र से क्रिकेट खेलती हैं। बीसीसीआई का फोकस भी होता है सुविधाएं और अंडर 19 खिलाड़ियों को अपने ही देश में खेल का माहौल मिलता है। ऐसा दूसरे देशों में नहीं होता वहां प्रोफेशनल क्रिकेट देर से खेला जाता है। लगातार तैयारी से स्किल बढ़िया होती है और इंडिया इस वजह से टॉप पर है।

आकांक्षा ने बताया कि हमारे परिवार में मेरे चाचा जी डॉक्टर रहे हैं। मैं उन्हें देखकर हमेशा मेडिकल की फील्ड में जाना चाहती थी। बैचलर्स मैंने रायपुर मेडिकल कॉलेज से किया और मास्टर्स कटक से। फीजियो थैरेपी की जब पहली बार क्लास अटेंड की थी तो लगा बस यही करना है। ये काम मुझे पसंद आया। साल 2019 में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के साथ काम किया।

इसके बाद आकांक्षा के काम की वजह से उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी ने बुलाया। उन्हें सीनियर टीम हैंडल करने का मौका मिला। बतौर असिस्टेंट फिजियो एक्सपर्ट काम किया। इसके बाद इंडिया की मेन टीम के साथ आकांक्षा ने काम किया इंडिया की स्टार फीमेल क्रिकेटर्स मिताली के साथ भी रहीं।

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