CG News: स्कूल में शराब पीकर पहुंच रहा शिक्षक, अफसरों ने नहीं सुनी तो पालकों ने बच्चों को पढ़ाने के लिए 8 हजार में युवती को रखा

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कांकेर। प्राथमिक शाला मिचेवाड़ा इन दिनों शिक्षक की कमी से जूझ रहा है। यहां शिक्षक पदस्थ है, स्कूल भी आता है, लेकिन शराब पीकर सोया रहता है। ग्रामीण ने इसकी लापरवाही की शिकायत जनपद पंचायत सीईओ के समक्ष किया लेकिन ग्रामीणों की बात नहीं सुनी गई। हर साल छत्तीसगढ़ शासन आम बजट में शिक्षा के लिए करोड़ों रुपए का बजट पेश करती है। करोड़ों रुपए बजट के बावजूद स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने शिक्षक और मूलभूत संसाधन नहीं है। प्राथमिक शाला मिचेवाड़ा इन दिनों शिक्षक की कमी से जूझ रहा है।

यहां शिक्षक पदस्थ है, स्कूल भी आता है, लेकिन शराब पीकर सोया रहता है। ग्रामीण ने इसकी लापरवाही की शिकायत जनपद पंचायत सीईओ के समक्ष किया लेकिन ग्रामीणों की बात नहीं सुनी तो गांव के लोगों ने गांव के ही शिक्षित युवती को 8 हजार मासिक पेमेंट पर बच्चों को स्कूल में पढ़ाने लिए रखा है। अब 8 हजार पेमेंट लेकर शिक्षित युवती बच्चों को पढ़ा रही है। ग्रामीण प्रत्येक घर से 100 रुपए जमा कर 8 हजार मासिक पेमेंट भुगतान कर रहे हैं।

किसी ने नहीं सुनी शिकायत
शिक्षा समिति अध्यक्ष प्रमोद सोरी, नारायण पुड़ो, गायता कोंदाराम पुड़ो, लल्लू पुड़ो, हीरू पुड़ो, बैसाखू ध्रुव, सुकलू दुग्गा, विजय कोला, अलीराम पुड़ो ने बताया कि हमारे गांव में एक शराबी शिक्षक (teacher arriving at school drunk)पदस्थ है। शराब पीकर स्कूल आकर सोया रहता है। इसकी शिकायत जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल के सीईओ से किए लेकिन सीईओ ने हमारी नहीं सुना गया इसलिए गांव के लोगों की बैठक बुलाकर स्कूल संचालन को लेकर विचार विमर्श कर गांव के युवती लीला पुड़ो को स्कूल में 8 हजार रुपए के मानदेय पर पढ़ाने प्रस्तावित किया गया।

वैकल्पिक शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही
14 सितंबर 2022 से यहां पर वैकल्पिक शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही है। इन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के शासन प्रशासन के पास सबकुछ होते हुए भी शासन प्रशासन हार मानकर शिक्षक की व्यवस्था नहीं किया तो हम ग्रामीणों ने ठान लिया कि हर घर से प्रतिमाह 100 रुपए जमा कर वैकल्पिक शिक्षक को भुगतान करेंगे। गांव में 80 घर हैं, बच्चों को पढ़ाने प्रत्येक घर 100 रुपए दे रहे हैं।

साभार पत्रिका

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