विदेशी फंडिंग से छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण! सुदूर गांवों तक फैला ‘गुप्त मिशन’ उजागर
नाबालिगों को आश्रम में रखकर खेला जा रहा था बड़ा खेल, हाई-टेक उपकरणों ने खोल दी पोल

राजनांदगांव।
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के एक बड़े और सुनियोजित नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जिले के ग्राम धर्मापुर में एक व्यक्ति द्वारा अवैध आश्रम और चर्च संचालित किए जाने की बात सामने आई है, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इस मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
⚠️ बिजली नहीं, फिर भी डिजिटल प्रचार!
जांच में सामने आया है कि जिन सुदूर अंचल गांवों में बिजली तक नहीं पहुंची, वहां ग्रामीणों को प्रभावित करने के लिए सोलर आधारित डिजिटल प्रोजेक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन हाई-टेक उपकरणों के जरिए लोगों को खास तरह के वीडियो और कंटेंट दिखाकर कथित तौर पर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
🌍 हजारों डॉलर के विदेशी उपकरण, फंडिंग पर शक
पुलिस ने आरोपी के पास से विदेशी तकनीक से लैस उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि
👉 इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग विदेशों से की जा रही थी
👉 इसके तार राज्य के कई जिलों से जुड़े हो सकते हैं
👮♀️ शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई
मामले की शुरुआत 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से मिली एक लिखित शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि
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अवैध रूप से आश्रम और चर्च चलाया जा रहा है
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नाबालिग बच्चों को वहां रखा गया है
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धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित हो रही हैं
SP अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
📜 इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
आरोपी डेविड चाको के खिलाफ
👉 छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की
धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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