‘मोदी ने ट्रंप को नहीं किया फोन’, अमेरिका की टैरिफ डील फेल – भारत को भारी कीमत चुकानी पड़ी
अमेरिका के वाणिज्य सचिव का खुलासा: अहंकार और मिस्ड कॉल ने रोका व्यापार समझौता, भारत अब पिछड़ गया

नई दिल्ली। भारत-अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौता अब पूरा होने की संभावना लगभग खत्म हो गई है। अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने खुलासा किया कि समझौते के अटकने की वजह कोई नीतिगत मतभेद नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीधे फोन न करना था।
पूरी डील तैयार थी, लेकिन कॉल न होने से ठप
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लटनिक ने बताया कि दोनों देशों के बीच टैरिफ डील लगभग तय हो चुकी थी।
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केवल एक फोन कॉल की कमी ने पूरी डील को रोक दिया।
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अमेरिका अब उस व्यापार समझौते पर विचार नहीं कर रहा, जिसके तहत भारत को पहले विशेष टैरिफ लाभ मिलने वाला था।
ट्रंप का अहंकार और भारत की कीमत
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लटनिक ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी को बस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कॉल करना था, लेकिन वे असहज थे और कॉल नहीं हुई।”
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अमेरिका ने इस दौरान इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ अपने समझौते कर लिए।
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भारत अब लाइन में पीछे रह गया और इसकी कीमत 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ के रूप में चुकानी पड़ी।
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ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि भारत के खिलाफ टैरिफ और बढ़ सकते हैं।
कोई नीतिगत मतभेद नहीं, सिर्फ मिस्ड संपर्क
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लटनिक ने स्पष्ट किया कि डील अटकने का कारण नीतिगत मतभेद नहीं, बल्कि केवल प्रधानमंत्री का मिस्ड कॉल था।
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अमेरिका मानकर चल रहा था कि भारत सबसे पहले समझौता करेगा, लेकिन देरी में अन्य देशों के साथ डील पूरी कर ली गई।
आगे की स्थिति
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भारत सरकार ने अभी तक इस खुलासे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, अगर भारत जल्द कार्रवाई न करता है तो अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ से व्यापार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
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