Raigarh: कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, विभागवार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश

हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण के लिए हर ग्राम में लगेंगे विशेष शिविर
जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर
रायगढ़, 30 जून 2026/ जिले में विकास कार्यों तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, जनसेवा, रोजगार, पेयजल, आधारभूत अधोसंरचना तथा विभिन्न विभागों की प्राथमिकता वाली योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणाममूलक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करें।
कलेक्टर ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विद्यालयवार शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने सुघर छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण के लिए जिले के सभी ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी एवं अन्य मैदानी अमले की जिम्मेदारी तय कर प्रभावी समन्वय के साथ शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को जिले में और अधिक बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग को अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा किसानों को प्राकृतिक खेती के आर्थिक, पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती उत्पादन लागत कम करने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। कलेक्टर ने डीएमएफ मद से स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए बोर खनन जैसे कार्य वास्तविक आवश्यकता वाले स्थलों पर कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने तथा रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 1 जुलाई 2026 से वीबीजीआरजी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) का संचालन प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजना का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, इसके लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाएं।
कलेक्टर ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित 315 आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से राशन कार्ड, बी-1, राजस्व सेवाएं, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार कार्ड, पेयजल, वनाधिकार पट्टा सहित विभिन्न नागरिक सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सरल एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने जिले के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक्सपोजर विजिट आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे उन क्षेत्रों का अध्ययन कर सकें जहां शासन की योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन हुआ है और उन नवाचारों को जिले में भी लागू किया जा सके।
बैठक में जल जीवन मिशन, नल-जल योजना, बाल सक्षम नीति, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, श्रमिक हितों की सुरक्षा, नगर विकास योजना, रेलवे परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण, अन्न भंडारण योजना तथा पीएम गति शक्ति योजना सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले के विकास को नई गति मिल सके और आम नागरिकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., अपर कलेक्टर श्री रवि राही, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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