रायगढ़ में छत्तीसगढ़ बंद का असर, आमाबेड़ा हिंसा के विरोध में सड़कों पर पसरा सन्नाटा, चैंबर ऑफ कॉमर्स का मिला पूर्ण समर्थन, सुबह से दुकानें रहीं बंद, पुलिस रही अलर्ट

रायगढ़। कांकेर के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्मांतरण के विरोध में आज सर्व समाज द्वारा बुलाए गए ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का रायगढ़ में ऐतिहासिक असर देखने को मिला। चेंबर ऑफ कॉमर्स के समर्थन के बाद आज सुबह से ही शहर की व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं।
रायगढ़ के सबसे व्यस्त इलाके—सुभाष चौक, श्याम टॉकीज रोड और चक्रधर नगर रोड—जहाँ सुबह से ही भारी चहल-पहल रहती है, आज वहाँ पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। सर्व समाज के आह्वान पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वेच्छा से बंद रखीं।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री मनीष उदासी ने बताया कि देशहित और सामाजिक एकजुटता के लिए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, आम जनता की सुविधा के लिए डेयरी, दवा और कच्चा व्यापार जैसी आवश्यक सेवाओं को इस बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि पूरे जिले में पुलिस बल तैनात है और पेट्रोलिंग की जा रही है। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या जबरदस्ती की सूचना नहीं मिली है। रायगढ़ में बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल नजर आ रहा है।
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