रायपुर: अवैध उत्खनन का भंडाफोड़! 2 ट्रैक्टर जब्त, आरोपी फरार
वन विकास निगम की टीम ने कोटा परियोजना मंडल में घेराबंदी कर अवैध लकड़ी, रेत और मिट्टी के अपराधियों पर किया सख्त कार्रवाई

रायपुर: छत्तीसगढ़ में वन सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की टीम ने कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर में दिन-रात की गश्त के दौरान अवैध उत्खनन और लकड़ी तस्करी को रोकते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया।
वन विकास निगम के प्रबंध संचालक द्वारा सभी परियोजना मंडलों में नियमित निरीक्षण और गश्त के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत, टीम ने तेंदुआ कक्ष क्रमांक P-128 में अवैध सागौन लकड़ी (0.149 घन मीटर) जप्त की। आरोपी मौके से फरार हो गए।
इसके अलावा, कोटा परियोजना मंडल के कक्ष RF-172 में नाले से अवैध रेत और मिट्टी उत्खनन कर ट्रैक्टर से परिवहन किया जा रहा था। वन टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर लिया।
जप्त वाहन एवं आरोपी:
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CG-04DT-8490 (महिंद्रा लाल ट्रैक्टर), चालक/स्वामी – बुधराम सिंह मरकाम, निवासी सरईपाली
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जॉन डियर हरा ट्रैक्टर, चालक/स्वामी – ओमप्रकाश मरावी, निवासी सरईपाली
दोनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा (1) ख के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जप्त वाहन राजसात के लिए प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह और मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी वैभव साहू द्वारा सफलतापूर्वक संचालित की गई। टीम में अरुण कुमार सिंह, चंद्रकांत साय, बलदाऊ सिंह मरावी, नैनसिंह और रोपण सुरक्षा श्रमिक शामिल थे।
वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार ने टीम की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की और सभी निगम अधिकारियों-कर्मचारियों को सजग रहकर वन सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी वर्ष की गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में टीम के योगदान को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
इस कार्रवाई से वन अपराधियों में स्पष्ट संदेश गया है कि वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन और लकड़ी की तस्करी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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