खरसिया मंगल टायर फैक्ट्री हादसा: मुआवज़े की मांग को लेकर गांव में जुटी भीड़, 50-50 लाख की चर्चा तेज

मासूम बच्ची और पिता की मौत से आक्रोशित ग्रामीण: मंगल टायर फैक्ट्री के खिलाफ फूटा गुस्सा, गांव में जुटी भारी भीड़
एसडीओपी और तहसीलदार मौके पर मौजूद, मुआवजे पर कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच खींचतान
रायगढ़। खरसिया के बानीपाथर स्थित मंगल टायर (कार्बन) फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे के बाद गांव का माहौल लगातार संवेदनशील बना हुआ है। हादसे में मासूम बच्ची और उसके पिता की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा और दुख साफ तौर पर नजर आ रहा है।
गुरुवार को गांव में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। मृतक परिवारों के परिजन और ग्रामीण मुआवज़े की मांग को लेकर डटे हुए हैं। गांव में प्रत्येक मृतक के परिवार को 50-50 लाख रुपये मुआवज़ा दिए जाने की चर्चा तेज है। ग्रामीणों का कहना है कि हादसा लापरवाही का परिणाम है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। एसडीओपी प्रभात पटेल टी आई राजेश जांगड़े एवं टीम, तहसीलदार मोनल साय सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस बल भी तैनात है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन की ओर से परिजनों से चर्चा की जा रही है और समझाइश दी जा रही है।
यह हादसा न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा जख्म बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पीड़ित परिवारों के साथ न्याय कैसे सुनिश्चित करता है
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