Raigarh: बूथ से भारत तक’: अग्रोहा धाम में भाजपा प्रशिक्षण का दूसरा दिन राष्ट्र-यज्ञ में आहुति का संकल्प लेकर संपन्न

सत्ता की रीढ़ कार्यकर्ता, मार्गदर्शक संगठन’: दो सीट से पूर्ण बहुमत तक की यात्रा का राज बताते हुए गरजे वक्ता
योग-दिवस से समापन-सत्र तक: चाणक्य-नीति, एकात्म मानववाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से गढ़ा 2027 का रोडमैप
रायगढ़:- भाजपा के दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण महाअभियान का दूसरा दिन ‘योग-प्राणायाम’ से शुरू होकर ‘राष्ट्र-निर्माण के संकल्प ’ तक पहुंचा। सूर्योदय से पूर्व जागरण और योग ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया—‘जो स्वयं अनुशासित है, वही समाज को अनुशासन सिखा सकता है।’
पहले दिन एक दर्जन सत्र के बाद अग्रोहा धाम में रात्रि विश्राम के बाद आज प्रात 05:30 बजे कार्यकर्ताओं का जागरण हुआ। प्रातः 6:30 से 07:30 बजे तक कार्यकर्ता योग एवं प्रार्थना सत्र में शामिल हुए। योगाचार्य के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सूर्य-नमस्कार किया। जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान ने कहा “योग जीवन की पहली शर्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में योग अंतर्राष्ट्रीय स्वीकार्यता पाकर 21 जून को ‘विश्व योग दिवस’ बना। भाजपा का कार्यकर्ता स्वयं नियमित योग करता है और समाज को भी इस अनुशासित जीवन-शैली के लिए प्रेरित करता है। क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही ‘राष्ट्र प्रथम’ का स्वस्थ विचार जन्म लेता है। प्रशिक्षण अभियान के जरिए दीवान ने आम जनता से भी योग मय जीवन शैली अपनाए जाने का आग्रह किया। इसके बाद 8:15 से 09:15 बजे तक अल्पाहार चला। प्रातः 09:30 – 10:30 बजे एक अष्टम सत्र की कमान रायगढ़ जिला संगठन प्रभारी प्रशांत सिंह ठाकुर ने संभाली। बूथ प्रबंधन, मन की बात, आईटी के विषय पर ओजपूर्ण विचार व्यक्त किए। सत्र की अध्यक्षता प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य श्रीकांत सोमावार जी ने की। प्रशांत सिंह ठाकुर ने कहा, “सत्ता की रीढ़ कार्यकर्ता है और संगठन सत्ता के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। ‘मन की बात’ को बूथ तक ले जाओ, आईटी को हथियार बनाने की सलाह देते हुए कहा दो सीटों से शुरू हुई यात्रा आज पूर्ण बहुमत तक इसलिए पहुंची क्योंकि कार्यकर्ता ने बूथ को मंदिर माना। बूथ प्रबंधन, मन की बात, आईटी विषय पर प्रशांत सिंह ठाकुर जी ने अपने उद्बोधन का विस्तार करते हुए
इनसे संबंधित विचारो को गहराई से समजाते हुए 2027 के लिए 5 सूत्र बताए जिनमें बूथ प्रबंधन शामिल था । बूथ को भारत का बेस-कैंप बताते हुए कहा 2 सीट से 303 तक की छलांग का रहस्य है ‘पन्ना-प्रमुख’। हर पन्ने के 30 मतदाता, हर मतदाता से साल में 6 संपर्क। 4-एम’ फॉर्मूला के तहत माइक्रो-डोनेशन, माइक्रो-मीटिंग, माइक्रो-इवेंट, माइक्रो-सेलिब्रेशन पर प्रकाश डला। बूथ पर जन्मदिन, सालगिरह, बच्चों के रिजल्ट पर बधाई और व्यक्तिगत संबंध को वोट में बदलने का हुनर बताया ।बूथ समिति के 11 सदस्य के साथ 3 शक्ति युवा, महिला, लाभार्थी को जोड़ने की आवश्यकता बताई। हर समिति के पास व्हाट्सएप ग्रुप + सरल ऐप होना चाहिए । मन की बात को रेडियो से रिश्ते तक का सफर बताते हुए उन्होंने कहा सुनना और उसके साथ लोगों सुनाना दोनों ही आवश्यक है।हर महीने अंतिम रविवार, बूथ पर 25 लोग इकट्ठा करे । प्रधानमंत्री जी को सुनें, फिर 15 मिनट स्थानीय समस्या-सुझाव पर चर्चा करते हुए ‘मन की बात’ से ‘जन की बात तक पहुंचे. जो सुझाव आए, उसे नमो ऐप पर अपलोड करो। पिछले 10 साल में 1.5 लाख सुझाव नीतिया बनाए जाने का लक्ष्य है। यही सहभागी लोकतंत्र है ।लाभार्थी से संवाद को आवश्यक बताते हुए कहा हर बूथ पर ‘मन की बात’ के दिन 5 लाभार्थी के जरिए उनका अनुभव साझा करे।आयुष्मान, आवास, किसान सम्मान सभी विषय भावनात्मक जुड़ाव का सबसे बड़ा प्रचार है। आईटी को लाठी नहीं बल्कि, ‘स्मार्ट हथियार’ के तब्दील करने की सलाह दी। हर बूथ पर 1 डिजिटल योद्धा होना चाहिए। नमो ऐप पर ‘कमल पुष्प’ खिलाना, . व्हाट्सएप पर सरकारी योजना का PDF भेजना, फेक-न्यूज का 10 मिनट में खंडन को आवश्यक बताया। डेटा को सबसे बड़ी दौलत बताते हुए कहा सरल पोर्टल पर बूथ के वोटर लिस्ट में ‘ABCD’ मार्किंग होनी चाहिए A के तहत पक्का भाजपा, B के तहत झुकाव, C के तहत कन्फ्यूज, D के तहत विरोधी के तहत वर्गीकृत करना फिर C वर्ग में शामिल मतदाताओं पर मेहनत को चुनाव जीतने का मंत्र बताया। रील से रियल तक पहुंचने की कला बताते हुए 30 सेकंड की वर्टिकल वीडियो बूथ की नाली, सड़क, आवास ‘पहले-और-अब’। लोकल चेहरा, लोकल बोली, लोकल मुद्दों से जुड़े कंटेंट को वायरल करने का सुझाव बताया। दो सीट से 303 सीटे कार्यकर्ता की वजह से आई। 1984 में 2 सांसद थे, क्योंकि संगठन था पर बूथ-ढांचा नहीं था। 1996 में बूथ-ढांचा बना तो 161 सीट आई। 2014 में ‘पन्ना-प्रमुख के साथ, मन की बात,सोशल मीडिया’ त्रिवेणी बनी जिसकी वजह से 282 सीट मिली।विचार, कार्यकर्ता और तकनीक के जरिए पूर्ण बहुमत की मंजिल आसानी से हासिल की जा सकती है। 2027 के लिए ‘बूथ से भारत’ का मंत्र बताते हुई हर घर संपर्क,हर मन संपर्क,हर हाथ स्मार्ट की जरूरत बताईं। समापन करते हुए प्रशांत जी के कहा भाव
“भले जी सत्ता दिल्ली में बनती हो पर सत्ता टिकती बूथ पर है। कार्यकर्ता जब बूथ को ‘मतदान-केंद्र’ नहीं ‘मत-परिवर्तन केंद्र’ बना देता है, तभी दो सीट 303 बनती हैं और 303, 400 बनेंगी। इसलिए आईटी को कलम बनाओ, ‘मन की बात’ को स्याही बनाओ, और बूथ को वो कागज बनाओ जिस पर ‘फिर एक बार भाजपा सरकार’ का इतिहास लिखा जाए। सत्र के अध्यक्ष श्रीकांत सोमावार जी बोले, “बूथ जीता तो भारत जीता। पन्ना प्रमुख ही ‘पन्ना-प्रमुख’ से ‘प्रधानमंत्री’ तक की कड़ी है। नवम सत्र 10:30 से 11:30 बजे तक चला जिसमें प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा अशोक साहू ने कार्य विस्तार पर विचार व्यक्त किए। सत्र की अध्यक्षता प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य तिगनरंजन सिन्हा जी के की अशोक साहू ने हुंकार भरते हुए कहा भाजपा का कार्यकर्ता वैचारिक है। वह राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को प्रथम मानता है और राष्ट्र-यज्ञ में अपने जीवन की आहुति देता है। यही वजह है कि आज हम ‘सबका साथ, सबका विकास’ से ‘सबका विश्वास, सबका प्रयास’ तक पहुंचे हैं। ओबीसी समाज को जोड़ना, कार्यविस्तार का मूल है। सत्र की अध्यक्षता कर रहे तिगनरंजन सिन्हा ने कहा, “विस्तार का अर्थ है—हर घर तक कमल, हर दिल में राष्ट्र है। 11:30 से 12:00 बजे तक का समय लघु अवकाश के लिए निर्धारित था। दसम सत्र 12:00 से 01:00 बजे तक जारी रही।प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा श्री शिवरतन शर्मा ने बतौर वक्ता हमारा इतिहास, विकास विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा “1984 में 2 सीट थी, आज 303+ है। यह यात्रा ‘त्याग, तपस्या, बलिदान’ की है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी से अटल जी तक, अटल जी से मोदी जी तक हर पीढ़ी ने भारत का मस्तक विश्व में ऊंचा किया। इतिहास गवाह है।भाजपा ने सत्ता को सेवा का माध्यम बनाया। इस सत्र की अध्यक्षता कर रहे
गिरधर गुप्ता ने कहा “जनसंघ का दीया, भाजपा का सूरज बना। इतिहास पढ़ो, विकास गढ़ो। एकादश सत्र 01:00 बजे से 02:00 बजे तक जारी रहा।
प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा नंदन जैन ने कार्यपद्धति विषय पर बतौर वक्ता “कार्यपद्धति को संगठन की आत्मा बताया। ‘करो या मरो’ नहीं, ‘करो और तरो’ हमारा मंत्र है। बैठक से बूथ तक, बूथ से लाभार्थी तक—हर कदम पर अनुशासन चाहिए। तभी 2027 में छत्तीसगढ़ भगवा-मय होगा। सत्र की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक
विजय अग्रवाल ने कहा पार्टी ‘मैं’ नहीं बल्कि ‘हम के भाव से चलती है। यही कार्यपद्धति की कुंजी है। भोजन हेतु 02:00 से 03:00 बजे तक का समय निर्धारित रहा। द्वादश सत्र दो दिवसीय आयोजन का समापन सत्र रहा जो 03:00 बजे से – 04:00 बजे तक जारी रहा.
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत एवं धरोहर विषय पर
बतौर मुख्यवक्ता मा. श्री अजय चंद्राकर जी, विधायक कुरुद ने कहा “छत्तीसगढ़ ‘धान का कटोरा’ नहीं, ‘संस्कृति का कोहिनूर’ है। राम वन गमन पथ, सिरपुर, भोरमदेव—ये हमारी पहचान हैं। भाजपा की डबल-इंजन सरकार इसे ‘टूरिज्म-हब’ बनाएगी। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही हमारी सॉफ्ट-पावर है। सत्र की अध्यक्षता कर रहे सत्यानंद राठिया बोले, “माटी की सुगंध को सत्ता की सुगंध बनाओ। तभी ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ पूरा होगा। 04:00 से 05:00 बजे तक चले तेरहवा सत्र समापन सत्र में तब्दील हुआ।
प्रदेश संयोजक प्रशिक्षण विभाग डॉ. अवधेश जैन जी, ने
हमारा वैचारिक अधिष्ठान—एकात्म मानव दर्शन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, पंच निष्ठा विषय पर कहा “पं. दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’ कहता है—अंतिम व्यक्ति का उदय, असली उदय है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद कहता है—भारत केवल भूगोल नहीं, जीवंत चेतना है। पंच-निष्ठा—राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, गांधीवादी समाजवाद, सकारात्मक पंथ-निरपेक्षता, मूल्य-आधारित राजनीति—यही हमारा डीएनए है। भाजपा का कार्यकर्ता इसी वैचारिक अधिष्ठान पर खड़ा है।उन्होंने कार्यकर्ताओं के दो-दिवसीय प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “आपने सिद्ध कर दिया कि सत्ता की रीढ़ कार्यकर्ता है। संगठन ने आपको दिशा दी, आपने संगठन को शक्ति दी। यह तपस्या मां भारती का मस्तक पूरे विश्व में ऊंचा करने का साहसिक प्रयास है।” समापन के दौरान रामू रोहरा जी, बिलासपुर संभाग प्रभारी
अनूप कुमार शुक्ला किशोर राय जी, वर्गाधिकारी जिला प्रशिक्षण वर्ग सतीश बेहरा जी, वर्ग प्रमुख जिला प्रशिक्षण वर्ग
विकास केड़िया जी, संयोजक जिला प्रशिक्षण वर्ग की मौजूदगी रही ।संकल्प के साथ समापन हुआ और वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के साथ दो दिवसीय महाअभियान संपन्न हुआ। कार्यकर्ताओं ने शपथ ली—“योग से शरीर, विचार से मन, सेवा से जीवन—तीनों को राष्ट्र-अर्पण करेंगे।अग्रोहा धाम से लौटते हर कार्यकर्ता की आंखों में वही चमक थी—‘बूथ विजय से भारत विजय तक’ का अटल विश्वास। दो दिवसीय आयोजन के दौरान मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी का निर्वहन अशोक अग्रवाल प्रवीण द्विवेदी ने किया ।
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