रायगढ़ में हाथियों का उत्पात, 21 किसानों की धान की फसल रौंदी, कच्चा मकान भी तोड़ा, ग्रामीणों में हड़कंप
रायगढ़ में हाथियों का उत्पात, 21 किसानों की धान की फसल रौंदी, कच्चा मकान भी तोड़ा, ग्रामीणों में हड़कंप
रायगढ़। रायगढ़ जिले में हाथियों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। रविवार रात हाथियों के दल ने अलग-अलग गांवों में पहुंचकर 21 किसानों की धान की फसल रौंदकर बर्बाद कर दी। इस दौरान एक हाथी ग्रामीण बस्ती तक पहुंच गया और कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
अलग-अलग क्षेत्रों में फसलों को पहुंचाया नुकसान
धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा रेंज के बनेकेला और झगरपुर गांवों में हाथियों ने तीन किसानों की धान की फसल नष्ट कर दी। धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के धरमपुर में हाथियों के दल ने घनश्याम और कृष्ण यादव के चार खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं, कोयलार गांव में हाथियों ने धनाराम, लुधुराम, रत्नाराम और कुमार राठिया की फसलें रौंद दीं। इसके बाद हाथियों का दल गेरसा गांव पहुंचा, जहां किसान बैजनाथ की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया।
बस्तियों तक पहुंचे हाथी
बोरो रेंज के पोरिया, बताती और किंध्रा गांवों में 14 हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। दल ने नौ किसानों की फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। प्रभावित किसानों में रामप्रसाद, राजेश्वर, बुधराम, रामलाल, रामकुमार, विनोद, मोहर, राम प्रधान और रामकुमार सान शामिल हैं। दूसरी ओर, बकरूमा रेंज के रैरूमा गांव में रात के अंधेरे में एक हाथी ग्रामीण बस्ती में घुस गया। हाथी ने गांव निवासी सुंदर साय के कच्चे मकान की दीवार तोड़कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
जिले में 139 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अनुसार, रायगढ़ जिले के दोनों मंडलों में इस समय 139 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में सबसे अधिक 112 हाथी मौजूद हैं। इनमें 36 नर, 47 मादा और 29 शावक शामिल हैं। वहीं, रायगढ़ मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में 27 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस दल में छह नर, 16 मादा और पांच शावक शामिल हैं।
ड्रोन से निगरानी, ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क
हाथियों की बड़ी संख्या को देखते हुए वन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हाथियों की सटीक लोकेशन जानने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। जिन गांवों के आसपास हाथियों के दल की मौजूदगी मिल रही है, वहां वन विभाग मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सुरक्षा के लिहाज से अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।