Raigarh: जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, समय-सीमा में आवेदनों के निराकरण के दिए निर्देश
Raigarh: जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, समय-सीमा में आवेदनों के निराकरण के दिए निर्देश
रायगढ़, 7 सितम्बर 2026/ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याएं एवं मांगें सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक जांच कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में ग्राम गेरवानी निवासी दुखनाशन भोय ने बताया कि क्षेत्र औद्योगिक होने के कारण यहां बड़ी संख्या में मजदूर निवास करते हैं, जिनमें कई आर्थिक रूप से कमजोर हैं। महंगी दवाइयां खरीदने में असमर्थ लोगों की सुविधा के लिए उन्होंने ग्राम में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने की अनुमति देने का आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने आवेदन पर सीएमएचओ को शीघ्र उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी तरह तमनार विकासखंड के प्राथमिक शाला ढेगुरचुआं की शाला विकास समिति के अध्यक्ष ने विद्यालय में शिक्षक व्यवस्था की मांग रखी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें से एक शिक्षिका के बिना सूचना अनुपस्थित रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले में अतिशीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
रायगढ़ की सिंधी कॉलोनी निवासी दौलतराम उर्फ दयाराम ने कौहाकुंडा में कथित अवैध निर्माण की शिकायत की। उन्होंने बिना आवश्यक अनुमति एवं नियमों का पालन किए निर्माण किए जाने तथा हाउसिंग बोर्ड की भूमि पर कब्जे का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की। वहीं पुसौर तहसील के ग्राम सूरजगढ़ निवासी ओमप्रकाश निषाद ने अगस्त माह में हुई बारिश से मकान पूरी तरह ढह जाने और घरेलू सामान एवं अनाज नष्ट होने की जानकारी देते हुए आर्थिक सहायता एवं मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया। श्रीमती सुलोचना महंत ने अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए सहायता राशि दिलाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनके पति शासकीय सेवा में हैं और बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली है। कलेक्टर ने मामले में एसडीएम को नियमानुसार उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में विभिन्न मांगों एवं शिकायतों को लेकर अन्य नागरिकों ने भी आवेदन प्रस्तुत किए।