केरल में कांग्रेस गठबंधन बहुमत के पार, अपनी सीट पर पिछड़े CM विजयन

केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाला UDF गठबंधन बहुमत के आगे निकल चुका है. 10 साल से सत्ता में रही लेफ्ट की मुश्किलें बढ़ रही है. वहीं बीजेपी भी केरल में अपनी उपस्थिति बढ़ाती नजर आ रही है. मालूम हो कि राज्य में 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा. यहां बहुमत का आंकड़ा 71 है. आज 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र में वोटों की गिनती हो रही है. केरल विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF), दो कार्यकालों से सत्ता में रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) के बीच सीधी टक्कर है. कांग्रेस ने यहां 2024 के लोकसभा चुनाव और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया था. वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला राजग द्विध्रुवीय राजनीति वाले राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है.
लेफ्ट की हार से खत्म होगा वामपंथ का आखिरी किला
LDF की हार के साथ 1960 के दशक के बाद पहली बार ऐसा होगा कि वामपंथी दल किसी भी भारतीय राज्य में सत्ता में नहीं होंगे. अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं.
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