रात के सन्नाटे में मौत के सफर पर निकले मवेशी! 4 पिकअप से चल रही थी तस्करी, पुलिस ने ऐसे किया भंडाफोड़
खैरागढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई — 9 तस्कर गिरफ्तार, 10 मवेशी और 4 पिकअप वाहन जब्त

खैरागढ़। रात के अंधेरे में मवेशियों को कत्लखाने ले जाने की कोशिश कर रहे तस्करों की साजिश पुलिस ने नाकाम कर दी। खैरागढ़ थाना पुलिस ने चार पिकअप वाहनों में भरे 10 मवेशियों को मुक्त कराते हुए 9 अंतरराज्यीय पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है।
जब्त वाहन, मोबाइल और अन्य सामान की कुल कीमत ₹13.34 लाख आंकी गई है।
यह कार्रवाई सोमवार की देर रात की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर छत्तीसगढ़ से मवेशियों को भरकर मध्यप्रदेश के कत्लखानों की ओर रवाना हुए हैं। सूचना मिलते ही थाना खैरागढ़ की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बालाघाट रोड पर नाकेबंदी की।
थोड़ी ही देर में पुलिस ने चार संदिग्ध पिकअप वाहनों को रोका। जांच में पाया गया कि वाहनों के अंदर भैंसों को रस्सियों से बांधकर ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। तस्कर कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद सभी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में —
👉 हेमराज (42), नरेंद्र (26), नोहर (45), संतोष (35), कृष्णकुमार (26) — बालाघाट (मध्यप्रदेश)
👉 लकेश (23), छबि (27), सातेश (30), सागर (21) — बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़) के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, और मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जब्त वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं तस्करी नेटवर्क और उनके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
थाना खैरागढ़ पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जिले में सक्रिय गौ-तस्करी गिरोहों पर कड़ा प्रहार है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गौवंश की अवैध ढुलाई और पशु क्रूरता में लिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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