दोपहर में बाहर निकले तो पड़ सकता है भारी, अंबिकापुर में लू का खौफनाक अलर्ट, जानलेवा हालात की चेतावनी
तापमान बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग सख्त, 12 से 3 बजे के बीच घर से निकलने पर खतरे का संकेत

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बढ़ती गर्मी अब खतरनाक रूप लेती नजर आ रही है। लगातार चढ़ते तापमान और आने वाले दिनों में हीट वेव की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि अब लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलना भारी पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि अप्रैल और मई के दौरान लू का असर तेजी से बढ़ेगा, जिससे शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि बेहद जरूरी हो, तो सिर को अच्छी तरह ढककर ही बाहर जाएं, नहीं तो तेज धूप सीधे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है।
गर्मी के इस दौर में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आ रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डिहाइड्रेशन की वजह से हालत अचानक बिगड़ सकती है। ऐसे में लोगों को लगातार पानी पीने, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और लस्सी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना भी जरूरी बताया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लू लगना एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें शरीर का तापमान नियंत्रण पूरी तरह बिगड़ जाता है। इसके लक्षण बेहद खतरनाक हो सकते हैं, जैसे 40 डिग्री या उससे अधिक बुखार, गर्म और लाल त्वचा, पसीना बंद होना, तेज सिरदर्द, चक्कर, घबराहट, उल्टी और बेहोशी तक की स्थिति। इन संकेतों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
इन दिनों “हीट हेडेक” यानी गर्मी से होने वाले सिरदर्द के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है। इसकी वजह शरीर में पानी की कमी, ज्यादा धूप, नींद की कमी और कैफीन का अधिक सेवन बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को समय पर भोजन करने, खाली पेट न रहने और पर्याप्त नींद लेने की सख्त सलाह दी है।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को सबसे ज्यादा खतरा बताया गया है। वहीं मजदूर, किसान, ट्रैफिक पुलिस और फील्ड में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि वे सीधे धूप के संपर्क में रहते हैं।
अगर किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत उसे छायादार जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें और ठंडे पानी की पट्टी रखें। यदि व्यक्ति होश में है, तो उसे पानी या ओआरएस दें और स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में लू से निपटने के लिए जरूरी दवाएं और व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। अंत में विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, क्योंकि जरा सी लापरवाही इस भीषण गर्मी में बड़ा खतरा बन सकती है।





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