Raigarh: गाँव की माटी से डिजिटल क्रांति: बिना डिग्री के के. सागर पटेल ने बदल दी किसानों की दुनिया

रायगढ़ : अक्सर यह माना जाता है कि बड़े नवाचार केवल बड़े शहरों या ऊँची डिग्री वाले लोगों द्वारा ही किए जा सकते हैं। लेकिन रायगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव ठाकुरपाली के रहने वाले एक किसान के बेटे, के. सागर पटेल ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। बिना किसी औपचारिक आईटी डिग्री के, सागर ने KMNS Group के माध्यम से ‘द रूरल ऑपरेटिंग सिस्टम’ (The ROS) तैयार कर ग्रामीण भारत में तकनीक की एक नई मशाल जलाई है।
समस्याओं से जन्मा ‘डिजिटल दोस्त’
सागर पटेल ने करीब से देखा था कि कैसे गाँव के किसान सरकारी कागजी कार्रवाई, बिचौलियों के चंगुल और सही जानकारी के अभाव में परेशान रहते हैं। इसी जमीनी अनुभव ने उन्हें कुछ ऐसा करने के लिए प्रेरित किया जो किसानों के लिए ‘वरदान’ साबित हो। उन्होंने The ROS (ग्रामीण ऑपरेटिंग सिस्टम) विकसित किया, जिसे आज हर किसान का ‘डिजिटल दोस्त’ कहा जा रहा है।
किसानों को क्या मिल रहे हैं फायदे?
सागर पटेल के इस सिस्टम के जरिए किसानों को उनकी उंगलियों पर कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ मिल रही हैं:
भूमि की जानकारी: अब अपनी जमीन का पूरा हिसाब-किताब मिनटों में देखा जा सकता है।
सटीक मौसम पूर्वानुमान: बारिश और धूप का सही अंदाजा ताकि फसलें बर्बाद न हों।
मिट्टी की जांच: तकनीक के माध्यम से जानें कि आपकी मिट्टी को किस खाद और पोषण की जरूरत है।
सरकारी योजनाओं का लाभ: अब हर सरकारी योजना सीधे किसान के द्वार तक पहुँच रही है।
युवाओं के लिए रोजगार का नया मार्ग
KMNS Group केवल खेती तक सीमित नहीं है। सागर पटेल की यह पहल गाँव के युवाओं को ‘माइक्रो-एंटरप्रेन्योर’ (सूक्ष्म उद्यमी) बनने का अवसर दे रही है। इससे न केवल पलायन रुक रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और रोजगार के नए द्वार भी खुल रहे हैं।
बदलता गाँव, बदलता देश
सागर पटेल की यह सफलता कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादा पक्का हो और लक्ष्य नेक, तो संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। आज ठाकुरपाली जैसे छोटे से गाँव से शुरू हुई यह डिजिटल क्रांति पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन गई है। के. सागर पटेल जैसे युवा ही सही मायनों में ‘डिजिटल इंडिया’ के असली नायक हैं।
KMNS Group – सेवा ही संकल्प
स्थान: ठाकुरपाली, रायगढ़ (छ.ग.)
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