रायपुर की बेटी ने रचा नया मुकाम… कानून की दुनिया में गूंजा नाम, ऐसा शोध जिसने सोच बदलने की ठानी
कलिंगा यूनिवर्सिटी की सहायक प्राध्यापक डॉ. हरलीन कौर को मिली पीएचडी उपाधि, जेंडर न्यूट्रल कानून पर किया अहम शोध

रायपुर।
कानून और समाज के बीच चल रही बहस के दौर में रायपुर की एक युवा शिक्षिका ने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे शैक्षणिक जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह उपलब्धि सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच का परिणाम है जो समाज में संतुलन और समानता की नई दिशा दिखा सकती है।
डॉ. हरलीन कौर को कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है। वह विश्वविद्यालय के विधि संकाय में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उनके शोध का विषय “जेंडर न्यूट्रेलिटी इन इंडियन लॉ: ए क्रिटिकल एग्जामिनेशन ऑफ मेन्स राइट्स एंड लीगल रिफॉर्म्स” रहा, जिसे विधि और मानवाधिकार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. विवेक मलिक के मार्गदर्शन में पूरा किया। उनके इस शोध को विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने सराहा है, क्योंकि यह विषय समाज में चल रही जेंडर समानता की बहस को एक नए नजरिए से सामने लाता है।
रायपुर के अवंती बिहार निवासी परिवार से ताल्लुक रखने वाली डॉ. हरलीन कौर ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुओं और परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने अपने दादा-दादी और नाना-नानी के प्रति भी आभार जताया, जिनकी प्रेरणा उनके सफर में हमेशा साथ रही।
शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय डॉ. हरलीन कौर ने अपने शोध के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में भाग लिया और उनके कई शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। वर्तमान में वे शिक्षा और शोध के क्षेत्र में निरंतर योगदान दे रही हैं।
उनकी इस उपलब्धि से परिवार, मित्रों और शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल है। यह सफलता न सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ अलग और प्रभावशाली करने का सपना देखते हैं।
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