
रायगढ़, 3 मार्च।
होली से पहले खरसिया क्षेत्र के ग्राम परासकोल में मिली युवक की लाश ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। अब पुलिस ने इस ‘अंधी हत्या’ की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। चौंकाने वाली बात ये है कि महज 3000 रुपये के विवाद में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
खेत में मिला था खून से लथपथ शव
मृतक की पहचान अनिल कुमार चौहान (35 वर्ष), निवासी ग्राम परासकोल के रूप में हुई। उसके शरीर पर पेट, गले और अन्य हिस्सों में धारदार हथियार से कई वार के निशान मिले थे।
रात में सड़क की ओर से शोर-शराबे की आवाज आई थी, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। सुबह खेत में शव मिलने की खबर से गांव में सनसनी फैल गई।
ऐसे खुला ‘अंधी हत्या’ का राज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एसडीओपी प्रभात पटेल, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, एफएसएल यूनिट, साइबर थाना स्टाफ और डॉग स्क्वॉड की टीम ने मौके पर बारीकी से जांच की।
मुखबिर की सूचना पर संदेही राहुल यादव (20 वर्ष), निवासी बगबुडवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया।
3000 रुपये बने ‘मौत’ की वजह
आरोपी ने बताया कि दो माह पहले नौकरी लगाने की बात पर उसने मृतक को 3000 रुपये दिए थे। जब उसने रकम वापस मांगी तो विवाद बढ़ गया।
28 फरवरी की रात कन्या छात्रावास के पास उसने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर अनिल की हत्या कर दी और अपनी पैशन प्रो मोटरसाइकिल (CG-13-V-8933) से फरार हो गया।
चाकू, खून से सने कपड़े और बाइक जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
SSP का दो टूक संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा—
“रायगढ़ पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जघन्य अपराध करने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं, हर हाल में सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद गांव में राहत जरूर है, लेकिन 3000 रुपये के लिए हुई इस हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है— क्या मामूली विवाद अब जानलेवा बनते जा रहे हैं?
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