“रियल एस्टेट स्कैम में ED का बंपर हमला: सव्यसाची इंफ्रा की ₹15.4 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क, निवेशकों को राहत की उम्मीद”
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ED ने की बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम जोन से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सव्यसाची इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (SIPL) और उसके डायरेक्टरों पर शिकंजा कस दिया। PMLA कानून के तहत कंपनी और जुड़े लोगों की ₹15.40 करोड़ मूल्य की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया गया है। ये संपत्तियां हरियाणा के फर्रुखनगर इलाके में स्थित हैं।
कार्रवाई के पीछे का मामला
ED की यह कार्रवाई हरियाणा और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज तीन अलग-अलग FIRs के आधार पर हुई। आरोप हैं कि कंपनी और उसके डायरेक्टरों ने निवेशकों को बड़े-बड़े वादों में फंसाया, लेकिन ज़मीन पर कुछ भी नहीं था।
जाँच में सामने आया:
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SIPL ने Amaya Greens, Amaya Greens Extension और Amaya Bazaar जैसे प्रोजेक्ट लॉन्च किए।
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निवेशकों से प्लॉट, फ्लैट और SCO का लालच देकर पैसे जुटाए।
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2019 से बिना लाइसेंस, बिना सरकारी मंजूरी और बिना जमीन के मालिकाना हक के बुकिंग शुरू की।
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वादा किया गया 1 साल में कब्जा और रिटर्न, लेकिन न कब्जा मिला न पैसा वापस।
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एक ही प्लॉट कई लोगों को बेचा गया (डुप्लिकेट बुकिंग)।
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निवेशकों से मिले पैसे का इस्तेमाल अपने करीबी और बेनामी लोगों के नाम पर संपत्ति खरीदने में किया गया।
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ED के अनुसार, लगभग ₹18 करोड़ की अवैध कमाई हुई और 100+ निवेशक प्रभावित हुए।
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साइट पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।
आरोपी कौन-कौन हैं?
तीनों FIR में जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई:
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विजय राजन (डायरेक्टर)
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हर्ष खन्ना
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दीपक गुप्ता
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मनीष तुषीर
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मोहन लाल
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मनोज दुबे
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आशा कौशिक
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राघव कौशिक
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संजीव शर्मा
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सत्यजीत सिंह और अन्य
ED की कार्रवाई का मतलब
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कुर्क की गई संपत्तियों को अब बेच या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
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निवेशकों के पैसे की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।
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रियल एस्टेट में धोखाधड़ी करने वालों के लिए सख्त संदेश।
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ED ने साफ किया कि जांच अभी जारी है और आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
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