कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर में हेयर एंड ब्यूटी आर्टिस्ट्री कोर्स का पहला बैच औपचारिक रूप से शुरू

कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर में 100 युवतियों को मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण
सांसद नवीन जिन्दल की पहल पर लड़कियों को दी जाएगी 65% छात्रवृत्ति
कुरुक्षेत्र, 6 जनवरी 2026। युवतियों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में सांसद नवीन जिन्दल की पहल पर शुरू किए गए हेयर एंड ब्यूटी आर्टिस्ट्री सर्टिफिकेट कोर्स का पहला बैच आज औपचारिक रूप से आरंभ हो गया। नवीन जिन्दल फाउंडेशन द्वारा वीएलसीसी के सहयोग से संचालित यह दो माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर में चलाया जा रहा है, जिसमें 100 लड़कियों को व्यावसायिक कौशल प्रदान किया जाएगा।
इस कोर्स का उद्देश्य युवतियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिदिन दो घंटे की नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी, जिनमें रविवार को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी एवं प्रोफेशनल प्रशिक्षकों द्वारा हेयर, स्किन और मेकअप से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान दिया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नवीन जिन्दल फाउंडेशन से डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि इस कोर्स की कुल फीस का 65 प्रतिशत भाग फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति के रूप में वहन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कोई भी इच्छुक लड़की केवल संसाधनों के अभाव में इस प्रशिक्षण से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए यातायात की सुविधा भी नवीन जिन्दल फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि प्रशिक्षण में नियमित उपस्थिति बनी रहे।
डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि कोर्स के समापन पर सभी प्रतिभागियों को विशेष रूप से तैयार की गई प्रोफेशनल हेयर एंड ब्यूटी आर्टिस्ट्री किट भी प्रदान की जाएगी। इससे प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद छात्राएं तुरंत अपने कौशल का उपयोग कर रोजगार या स्वरोजगार की शुरुआत कर सकेंगी।
उन्होंने बताया कि सांसद नवीन जिन्दल की यह पहल न केवल कौशल विकास की दिशा में एक ठोस प्रयास है, बल्कि क्षेत्र की बेटियों के आत्मविश्वास, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य को भी नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
सांसद नवीन जिन्दल की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो बेटियां हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं और समाज के विकास में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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