जमीन के नीचे चल रहा था मिनी पावर स्टेशन! 60 घरों को मिल रही थी फ्री बिजली, छापे में अफसरों के उड़े होश

संभल (उत्तर प्रदेश) से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने बिजली विभाग से लेकर प्रशासन तक को चौंका दिया। जहां आम लोग भारी-भरकम बिजली बिल और कटौती से परेशान हैं, वहीं यहां 60 से ज्यादा घर सालों से मुफ्त बिजली का मजा ले रहे थे—वो भी एक भूमिगत मिनी पावर स्टेशन के सहारे।
रात के अंधेरे में बड़ा एक्शन
बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत डीएम डॉ. राजेंद्र पैसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई देर रात भारी पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरे। जैसे ही टीम एक संदिग्ध घर में पहुंची, अंदर का नज़ारा देख सभी के होश उड़ गए।
50–60 घरों को मिल रही थी चोरी की बिजली
रायसत्ती, दीपा सराय, सराय तरीन, नवाबखेल, गुन्नौर और बबराला इलाकों में की गई छापेमारी के दौरान एक घर के नीचे पूरी तरह से अंडरग्राउंड मिनी पावर स्टेशन मिला। इसी के जरिए 50 से 60 घरों, एक मस्जिद, दूध की डेयरी और यहां तक कि अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट्स को भी बिजली सप्लाई दी जा रही थी।
जमीन के नीचे बिछा था पूरा जाल
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने घर में ट्रांसफार्मर, अवैध केबल और अन्य उपकरणों से एक पूरा सिस्टम तैयार कर रखा था। टीम ने मौके से सारा सामान जब्त कर तुरंत सभी अवैध कनेक्शन काट दिए।
50% तक पहुंच गया था लाइन लॉस
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ इलाकों में बिजली लाइन लॉस 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका था, जिसे रोकने के लिए यह अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान सीओ संभल आलोक भाटी, सीओ असमोली कुलदीप सिंह, एएसपी कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम का सख्त संदेश
डीएम डॉ. राजेंद्र पैसिया ने साफ कहा कि बिजली चोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो संपत्ति कुर्क करने तक के आदेश दिए जाएंगे।
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और बिजली चोरी करने वालों में खौफ का माहौल साफ देखा जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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