गुरुघासीदास विश्वविद्यालय में सनसनी! तालाब में मिली छात्र की लाश, सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल
हॉस्टल से तीन दिन से लापता था फिजिक्स का छात्र असलम अंसारी — परिजनों ने की पहचान, छात्र संगठनों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) कैंपस में एक युवक की लाश मिलने से हड़कंप मच गया है। यह लाश विवेकानंद हॉस्टल के छात्र असलम अंसारी की बताई जा रही है, जो बीते तीन दिनों से लापता था। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
घटना गुरुवार की है, जब कैंपस स्थित तालाब में एक युवक की सड़ी-गली लाश मिली। पानी में कई दिन तक रहने के कारण शव की स्थिति खराब थी और उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। जैसे ही लाश मिलने की खबर फैली, कैंपस में अफरा-तफरी मच गई। हॉस्टलों में स्टूडेंट्स की हाजिरी जांची गई, तब पता चला कि फिजिक्स थर्ड ईयर का छात्र असलम अंसारी मंगलवार से हॉस्टल से गायब है।
असलम अंसारी मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसके घर संपर्क किया तो पता चला कि वह वहां भी नहीं पहुंचा था। इसके बाद असलम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बाद में परिजनों ने शव की शिनाख्ती असलम अंसारी के रूप में की, जिससे पुष्टि हो गई कि तालाब में मिली लाश उसी छात्र की थी।
अब सवाल उठ रहे हैं कि जब छात्र मंगलवार से हॉस्टल से गायब था, तो हॉस्टल वार्डन, प्रभारी और सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? इतना ही नहीं, कैंपस के तालाब में तीन दिन तक शव तैरता रहा, फिर भी प्रबंधन को पता नहीं चला। यह विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि असलम तालाब तक कैसे पहुंचा, क्या किसी से विवाद हुआ था, या यह किसी हादसे या आत्महत्या का मामला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, जब GGU की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी गर्ल्स हॉस्टल से छात्रा के गायब होने, कैंपस में झगड़ों, और धार्मिक विवादों जैसी घटनाओं ने यूनिवर्सिटी की छवि को धक्का पहुंचाया है।
इधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र संगठन ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, यह मामला विश्वविद्यालय प्रबंधन की साख और सुरक्षा व्यवस्था, दोनों को कटघरे में खड़ा कर रहा है। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद किसी की जिम्मेदारी तय होती है या फिर एक और मामला “फाइल बंद” कर दिया जाएगा।
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