
लखनऊः उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि कोडीन सिरप या नकली दवाओं से एक भी मौत नहीं हुई है। सीएम ने कहा कि देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं, जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं।
कोडीन कफ सिरप का मुद्दा… कोई भी अपराधी छूटने नहीं पाएगा, चिंता मत करिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी भी रहेगी। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने कोडीन कफ़ सिरप के कथित अवैध कारोबार को लेकर हंगामा किया।
अध्यक्ष के आसन के सामने आकर सरकार विरोधी नारे लगाए। वर्ष 2025 के तृतीय सत्र (शीतकालीन) की शुरुआत शुक्रवार को हुई और उस दिन सपा के दिवंगत सदस्य सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की बैठक सोमवार 11 बजे तक के लिए अध्यक्ष सतीश महाना ने स्थगित कर दी थी। सोमवार को कोडीन के मुद्दे पर चर्चा कराये जाने की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस कफ सिरप से सैकड़ों बच्चों की जान गई है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इससे इंकार करते हुए दावा किया कि उप्र में इससे एक भी मौत नहीं हुई है।
कोडीन कफ सिरप का मुद्दा…
कोई भी अपराधी छूटने नहीं पाएगा, चिंता मत करिए,
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 22, 2025
विधानसभा सत्र की शुरुआत में प्रश्नकाल के समय नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा ”कोडीन का मामला पूरे प्रदेश में जाल की तरह फैला है और यह बहुत दिनों से चल रहा है, डब्लूएचओ ने भी इसका संज्ञान लिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इसके सेवन से सैकड़ों बच्चों की जान गई है और हजारों करोड़ रुपये का धंधा भी हुआ है।
पांडेय ने कहा ”इसकी जानकारी सरकार को पहले हो जानी चाहिए थी। सरकार के पास इंटेलिजेंस है, सरकार के पास खुफिया एजेंसियां हैं, इनको पहले इसकी जानकारी हो जाती और उस हिसाब से कार्रवाई की गई होती तो सैकड़ों बच्चों की जान को बचाया जा सकता था।” नेता प्रतिपक्ष ने कहा ”आरोप प्रत्यारोप चल रहा है तो इस पर चर्चा करा लें और मुख्यमंत्री सरकार का पक्ष स्पष्ट करें।
कहा जा रहा है कि इसमें सपा के लोग हैं तो मेरी मांग है कि अगर सपा के लोग हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन साथ ही जो दूसरे लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्होंने इस पर चर्चा कराए जाने की मांग की। संसदीय कार्य व वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा ”उप्र में इससे एक भी मौत नहीं हुई है, ये जो आरोप लगा रहे हैं गलत है।”
खन्ना ने कहा ”कोडीन के मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है। बड़े पैमाने पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विपक्ष के पास नकारात्मक सोच के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। केवल नकारात्मकता फैलाना और समाज को गुमराह करना इनका एजेंडा है।” इस बीच सपा के सदस्य विरोध स्वरूप अध्यक्ष के आसन के सामने आ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
कोडीन कफ सिरप से उत्तर प्रदेश के अंदर कोई मौत नहीं हुई है…
देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं,
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 22, 2025
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्षी सदस्यों से कई बार सीट पर बैठने का अनुरोध किया। महाना ने कहा ”आपने (सपा) नियम 56 (सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग) के तहत नोटिस दिया है और जब उसका समय आएगा तो आपको जानकारी मिलेगी। अभी आप प्रश्नकाल चलने दीजिए, आप जो तथ्य लेकर आए हैं, उस पर सरकार जवाब देगी।” नेता प्रतिपक्ष ने कहा ”आप हमारी चर्चा स्वीकार कर लीजिए।” महाना ने कहा कि नियम 56 का समय आएगा तो सरकार जवाब देगी।
”तब दोनों पक्षों की बात सुनकर अगर लगेगा कि चर्चा की जरूरत है तो चर्चा कराई जाएगी।” महाना ने कहा ”संसदीय मंत्री ने कहा कि एक भी मौत कोडीन से नहीं हुई लेकिन आप कह रहे हैं कि मौत हुई है।” इसके बाद उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपील की कि वे अपने स्थानों पर लौट जाएं और कार्यवाही चलने दें। तब सपा सदस्य अपनी सीटों पर चले गये।
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