छत्तीसगढ़

CG BREAKING: अमित शाह का ऐतिहासिक दावा – “31 मार्च 2026 तक पूरे भारत और बस्तर से खत्म होगा नक्सलवाद”

बस्तर ओलंपिक में आत्मसमर्पित नक्सली खिलाड़ी बने नए भारत की प्रेरणा, विकास और खेल का संदेश

रायपुर/जगदलपुर।
छत्तीसगढ़ के बस्तर से अब लाल आतंक का नामोनिशान मिटाने का बड़ा ऐलान सामने आया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर ओलंपिक-2025 के समापन समारोह में कहा कि 31 मार्च 2026 तक पूरे भारत और बस्तर को नक्सलमुक्त किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया है कि बस्तर और देश के अन्य प्रभावित क्षेत्र पूरी तरह से विकसित और नक्सलमुक्त होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के सात जिलों – कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा – में विकास के तमाम संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, मुफ्त इलाज और अनाज की आपूर्ति शामिल है।

सुरक्षा के साथ विकास का द्वार खुला

अमित शाह ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, बिजली पहुंचेगी, बैंकिंग सुविधाएं और स्वास्थ्य केंद्र विकसित होंगे, साथ ही वन उपज की प्रोसेसिंग, डेयरी और उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुपोषण, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी और नए आधुनिक स्पोर्ट्स संकुल और अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।

खेल के माध्यम से नक्सलियों का मुख्यधारा में स्वागत

बस्तर ओलंपिक-2025 में 700 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली खिलाड़ी के रूप में शामिल हुए। अमित शाह ने कहा कि यह भय की जगह आशा, हिंसा की जगह विकास और विभाजन की जगह एकता का संदेश है। उन्होंने अपील की कि जो अब भी हथियार उठाए हैं, वे सरेंडर करें और पुनर्वसन योजना का लाभ उठाएं

बस्तर का सांस्कृतिक और खेल जगत में उत्थान

अमित शाह ने बताया कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खेल, संगीत और कला को संरक्षित करने के लिए आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें बहनों की सहभागिता लगभग तीन गुना बढ़ी। इसके आधार पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना गया है।

भय से भविष्य की ओर

केंद्रीय गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि अब बस्तर भय का पर्याय नहीं, बल्कि भविष्य का प्रतीक बन चुका है। जहां पहले गोली और लाल सलाम के नारे सुनाई देते थे, वहां आज स्कूल की घंटियां और भारत माता की जय गूंज रही हैं। अमित शाह ने सभी आदिवासी समाज के प्रमुखों, समाजसेवकों और ग्रामीणों से अपील की कि वे अभी भी हथियार उठाए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाएं, ताकि विकसित बस्तर और नए भारत की संकल्पना साकार हो सके।



















संक्षेप में:
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प, खेल के माध्यम से पुनर्वसन, आदिवासी कल्याण और बस्तर का विकास — यही है सरकार का नया विज़न और जनता के सामने सबसे बड़ा ऐतिहासिक संदेश।



IMG-20240424-WA0003
previous arrow
next arrow

raigarh top news

www.raigarhtopnews.com दैनिक हिन्दी न्यूज वेबसाईट है और रायगढ़ जिले का सर्वाधिक लोकप्रिय व सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला न्यूज वेबसाईट है। www.raigarhtopnews.com पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश व रायगढ़ जिले की शासकीय व अर्द्धशासकीय योजनाओं के साथ सभी खबरों को प्राथमिकता के साथ प्रसारित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।
Back to top button