रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना: बिजली बिल शून्य, सौर ऊर्जा ने घरों में लाई रोशनी
छत्तीसगढ़ में डबल सब्सिडी मॉडल से 12,500 घरों में सोलर पैनल, केंद्र और राज्य की पहल से मुफ्त या बेहद सस्ती बिजली

रायपुर: केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और छत्तीसगढ़ सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी के कारण प्रदेश में सौर ऊर्जा का क्रांतिकारी विस्तार हुआ है। फरवरी 2024 से शुरू हुई इस योजना में अब तक छत्तीसगढ़ में 12,500 घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, और आवेदन संख्या एक लाख के पार हो गई है।
डबल सब्सिडी मॉडल के तहत 1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र पर केंद्र और राज्य की संयुक्त सहायता से 30,000 से 1,08,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इससे कई परिवारों का मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है, जैसे बेमेतरा के धनेश गुप्ता और पत्थलगांव के सुभाष मिंज ने अनुभव किया।
धमतरी जिले का नाथूकोन्हा गांव छत्तीसगढ़ का पहला सोलर विलेज घोषित किया गया, जहां 27 आदिवासी परिवारों के घरों में सोलर पैनल लगाए गए। मोबाइल वैन ‘सूर्य रथ’ जागरूकता अभियान चला रही है, जो गाँव-गाँव जाकर लोगों को योजना और सब्सिडी की जानकारी दे रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि मार्च 2027 तक 1,30,000 घरों तक सोलर पैनल पहुँचाना लक्ष्य है, लेकिन राज्य इसे 5 लाख घरों तक बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इस पहल से न केवल बिजली खर्च में कमी आई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में भी योगदान मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर योजना ने घरों को ऊर्जा-उत्पादक बनाकर आर्थिक बचत और पर्यावरणीय लाभ दोनों सुनिश्चित किए हैं, जिससे राज्य स्वच्छ-ऊर्जा मॉडल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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