Raigarh: पीडी कॉलेज का वार्षिकोत्सव; उत्साह, उमंग और उपलब्धियों का संगम

रायगढ़। शनिवार को शासकीय पालूराम धनानिया वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय रायगढ़ में वार्षिकोत्सव इस वर्ष एक भव्य आयोजन के रूप में मनाया गया। इस दौरान विभिन्न सांस्कतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुए। सुबह से ही परिसर में विद्यार्थियों की चहल-पहल और रंग-बिरंगी सजावट ने प्रांगण को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. सुषील कुमार एक्का की अध्यक्षता एवं संरक्षण, संयोजक डॉ. हेमकुमारी पटेल एवं क्रीडाधिकारी डॉ. सौरभ प्रधान के मार्गदर्षन सम्पन्न हुआ।
वार्षिकोत्सव का आरंभ छात्र रितेष एवं छात्रा सुश्री ईषा चौहान विद्यार्थियों के स्वरों में सरस्वती वंदना और छात्रा मेद्या माणिकनपुरी एवं सुश्री सिया वर्मा द्वारा स्वागत गान एवं छ.ग. महतारी गीत से हुआ। अतिथियां द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। प्राचार्य डॉ. एक्का ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन पर प्रकाष डालते हुए लगभग डेढ़ हजार विद्यार्थियों की संख्या, एनईपी 2020 के दीक्षारम्भ समारोह, कौषल विकास और भवन निर्माण कार्य सहित अखिल भारतीय स्तर ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ओडिसा, नेपाल, श्रीलंका और महाराष्ट्र सहित दो अंकों में राज्यों की भागीदारी के बारे में बताया। उन्होंने एनसीसी, एनएसएस, थल सेना कैम्प और नषा मुक्ति विषय आधारित सात दिवसीय षिविर में विद्यार्थियों की भागीदारी की बात कहते हुए षुभकामनाएं दीं तथा खासतौर पर विधि विभाग की उपलब्धियों को सराहा गया। विधि विभागाध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने विधि सम्मत दायरे में सकारात्मकता की ओर बढ़ने की सीख दी। बता दें कि विधि विभाग के नवीन भवन का कार्य भी प्रगति पर हैं।
मुख्य मंत्री महोदय द्वारा एक्सिलेन्स अवार्ड प्राप्त मुख्य अतिथि डॉ. तरूण धर दीवान, कुल सचिव, शहीद नन्द कुमार पटेल विष्वविद्यालय ने आयोजन के अच्छे वातावरण में खुषी और गौरान्वित महसूस करने की बात कही। साथ ही उन्होंने पीएचडी प्रवेष परीक्षा के विज्ञापन की जानकारी दी और जब भी जरूरत हो स्वयं के द्वारा उपस्थित होकर पूर्ण सहयोग करने का आष्वासन दिया। विषिष्ट अतिथि के रूप में सेनानिवृत प्राध्यापक डॉ. महेन्द्र सिंह खनूजा ने पीडी कॉलेज से जुड़े अपने 45 वर्षों के अनुभवों को ताजा किया। कहा कि जोष के साथ-साथ होष से काम लेना भी जरूरी होता है। उन्होंने उत्साहपूर्वक चल रहे पुरस्कार वितरण समारोह की खुषियों सहित षुभकामनाएं दी और ईष्वर को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आध्यात्म से जुड़ने की प्रेरणा दी। इसी क्रम में अतिथिगगणों में विद्यमान जनप्रतिनिधि डिग्री लाल साहू तथा बी.के. पटेल और डॉ. के.के. तिवारी ने विद्यार्थियों को आषीष प्रदान किया।
कार्यक्रम में दिनभर महाविद्यालय में अनेक प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती रहीं। बढ़ते क्रम में आयोजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पटेल के नेतृत्व में नृत्य, नाटक और गीत-संगीत की प्रस्तुतियाँ हुईं, जिसने दर्षकगणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इधर दूसरी ओर, वर्तमान सत्र में फरवरी माह में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं में एथेलेटिक्स, कबड्डी और क्रिकेट मैच में विजयी रहे खिलाड़ियां का सम्मान किया गया। शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में वाद-विवाद, निबंध लेखन और क्विज ने विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को उजागर किया। विशेष आकर्षण रहा “लोक संस्कृति मंच”, जिसमें छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को अपनी परंपरा से जोड़ दिया।
कार्यक्रम में डॉ. हेम कुमारी पटेल ने कुषल मंच संचालन किया। वहीं, प्रो. संतोष कुमार नायक की शेरो-शायरी ने निरन्तर समा बांधे रखा। पूरे दिन महाविद्यालय का वातावरण उत्साह और उमंग से भरा रहा। समापन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया बल्कि टीम भावना और अनुशासन का भी परिचय दिया। अंतिम चरण में एक से एक दिलचस्प प्रसंग देखने को मिले। पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट गुंजायमान होता रहा और प्रत्येक क्षण प्रेरणादायी पल बन गया। इस तरह पीडी महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित हुआ। विविध आयोजनों ने उनकी प्रतिभा को निखारा और पुरस्कारों ने उन्हें आगे बढ़ने का संबल दिया। यह आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्कृति का संगम था, जिसने विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर प्रेरित किया। यह आयोजन आने वाले वर्षों तक स्मृतियों में जीवित रहेगा और छात्रों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
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