जंगल में गोलियों की गूंज! नक्सली कमांडर देवा की तलाश में DRG आमने-सामने, खूंखार दस्ते के 3 नक्सली ढेर
पहाड़ी जंगल बना रणभूमि, 12 लाख के इनामी माओवादी मारे गए, हथियार-विस्फोटक बरामद—देवा अब भी फरार

सुकमा।
घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच एक बार फिर गोलियों की दहशत गूंज उठी। नक्सलियों के PLGA बटालियन नंबर-1 के कुख्यात कमांडर देवा की तलाश में निकले DRG जवानों की किस्टाराम एरिया कमेटी के नक्सलियों से जोरदार मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक महिला समेत 3 नक्सलियों को ढेर कर बड़ी सफलता हासिल की है।
मुठभेड़ गोलापल्ली थाना क्षेत्र के गोंदीगुड़ा के जंगल-पहाड़ी इलाके में हुई, जहां बुधवार 18 दिसंबर 2025 की सुबह दोनों ओर से रुक-रुक कर भारी गोलीबारी चली।
12 लाख के इनामी नक्सली ढेर
मुठभेड़ के बाद इलाके की सघन तलाशी में एक महिला और दो पुरुष माओवादियों के शव बरामद किए गए। ये सभी ACM कैडर के नक्सली थे और कुल मिलाकर 12 लाख रुपये के इनामी बताए जा रहे हैं। जवानों ने मौके से आधुनिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सली सामान भी जब्त किया है।
पुख्ता सूचना पर चला ऑपरेशन
एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसी आधार पर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम को गोंदीगुड़ा के जंगलों में रवाना किया गया। सर्चिंग के दौरान ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
देवा की तलाश अब भी जारी
हालांकि इस मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली कमांडर देवा हाथ नहीं लगा है। माना जा रहा है कि वह जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और जवान हर पग पर सतर्कता बरत रहे हैं।
बस्तर में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार
बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी ने बताया कि इस साल अब तक बस्तर में 255 नक्सली मारे जा चुके हैं। मारे गए तीनों माओवादी कोंटा-किस्टाराम क्षेत्र में सक्रिय थे और कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं।
जंगल में अभी भी खतरा बरकरार
मुठभेड़ के बाद भी इलाके में खौफ का माहौल है। सुरक्षा बलों को आशंका है कि नक्सली फिर से किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में DRG जवान लगातार जंगल में सर्चिंग कर रहे हैं।
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