Raigarh News: केलो महाआरती; 10वें साल भी हजारों दीपों से जगमगाया रायगढ़

केलो मैया की आरती में उमड़ा जनसैलाब, ओडिशा और चंद्रपुर के पंडितों ने कराया मंत्रोच्चार
सुरक्षा के कड़े पहरे में भक्ति: 100 से अधिक जवानों की तैनाती, चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की नजर
रायगढ़। शहर के छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच केलो उद्धार समिति के सभी सदस्यगण विगत नौ वर्षों से समलाई घाट में समाज को पर्यावरण व जल स्वच्छता संरक्षण का संदेश देने के पवित्र उद्देश्य से केलो महतारी की महाआरती का भव्य आयोजन कर रहे हैं। जो हर किसी के लिए अब यह ऐतिहासिक व यादगार आयोजन बन गया है साथ ही परंपरा का रुप भी ले लिया है। इसी आयोजन को गति देते हुए इस वर्ष भी मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज समलाई घाट में भव्य केलो महतारी महाआरती का आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने सांसद राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह निगम महापौर जीवर्धन चौहान, निगम सभापति डिग्री लाल साहू व शहर के गणमान्य नागरिकों की विशेष उपस्थिति में बेहद खुशनुमा माहौल में किया गया।

केलो मैया की हुई पूजा – अर्चना – –
सर्वप्रथम समलाई माता की पूजा अर्चना करने के पश्चात सदस्यों ने घाट स्थित केलो मैया के मंदिर में भव्य बाजे – गाजे कीर्तन भजन के साथ शाम छह बजे पंडित बृजेश्वर मिश्र व सुयोग्य पंडितों के सानिध्य में पूजा – अर्चना हजारों श्रद्धालुओं ने की। इसके पश्चात समूचा स्थल केलो मैया के जयकारे से गुंजित हो गया।

महाआरती की खासियत – –
इस बार भी केलो नदी में खूबसूरत व भव्य भगवान शिवलिंग की स्थापना की गई। जिसकी विधिवत पूजा – अर्चना की और महाआरती में उपस्थित लोगों ने केलो मैया की महाआरती में पवित्र मन से शामिल होकर अपनी श्रद्धा को प्रकट किए साथ ही पर्यावरण व जल को संरक्षित करने का भी संकल्प लिया। वहीं मथुरा के प्रेम मंदिर के तर्ज में तैयार केलो महाआरती केलो घाट में राज परिवार का पुरातत्व मंदिर (राधा कृष्ण) को सजाया गया। जिसकी खूबसूरती भी देखते बनीं। इसी तरह बेशुमार झालरों व दीपों से बेलादुला घाट भी जगमगाया।


भजन संध्या का आयोजन – –
शाम छह बजे से समलाई घाट में मेला सा माहौल रहा। वहीं केलो मैया पूजा – अर्चना के बाद शानदार भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक मधुर भजन गीत सुनाकर देर रात तक उपस्थित हजारों लोगों को निहाल किया।

हजारों लोगों को बांटा गया प्रसाद – –
समलाई घाट में शाम चार बजे से रात नौ बजे तक मेला सा माहौल रहा। इस भव्य आयोजन में शहर के गणमान्य नागरिकों के अतिरिक्त शहरवासी व दूर – दराज से आए हुए लोग शामिल हुए। इसी तरह पूरे घाट परिसर में शहर के विभिन्न सामाजिक संस्था के सदस्यों ने स्टॉल लगाकर मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तिल, गुड, चाय बिस्किट का प्रसाद हजारों लोगों को प्रसाद बांटे। वहीं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच केलो उद्धार समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस विभाग के कर्मचारीगण भी जन सुरक्षा कार्य में समर्पित रहे।

हजारों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी चाक-चौबंद इंतजाम थे। कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल ने बताया की 100 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन करने की सुविधा प्रदान की।
|
|
|
|
![]() |
![]() |
| ||






