छत्तीसगढ़

 जशपुर पुलिस ने फिर पांच परिवारों के चहरे पर लौटाई मुस्कान, 6 गुम बच्चों को ढूंढ निकाला, अब तक 156 गुम बच्चों को ढूंढ कर चुकी है परिजनों के सुपुर्द

  जशपुर। जशपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान लगातार जारी है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व व दिशानिर्देश में जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 156 गुम बच्चों को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया गया है। इसी क्रम में जशपुर पुलिस ने विगत एक सप्ताह में पांच नाबालिक बालिका व एक नाबालिक बालक सहित 06 गुम बच्चों को ढूंढ उनके परिजनों के चेहरे पर मुस्कान लौटाने में सफलता पाई है।

चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, कि 24 मई को चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत एक प्रार्थी ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 23 मई को वह तबियत खराब होने के कारण घर में आराम कर रहा था, कि लगभग दोपहर करीब 01.30 बजे के आसपास उसकी 13 वर्षीय नाबालिक बेटी, चाउमीन खाने के लिए अपनी मां से पैसे मांगी, व आरा बाजार की ओर गई, इसी दौरान शाम करीबन 04.00 बजे के लगभग प्रार्थी के रिश्ते के दामाद ने प्रार्थी को आकर बताया कि उसकी नाबालिक बेटी, गांव के की तीन और नाबालिक सहेलियों के साथ किसी की मोटरसाइकल में बैठ कर जाते हुए दिखी हैं, जिस पर प्रार्थी के द्वारा अपनी बेटी के मोबाइल फोन पर संपर्क करने पर उसका मोबाइल फोन बंद बता रहा था, उसके नाबालिक बेटी के साथ गई, गांव की तीन अन्य नाबालिक बच्चियों के परिजनों द्वारा भी जब अपने बच्चियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो, उनसे भी कोई संपर्क नहीं हो पाया, जिस पर प्रार्थी व अन्य तीन बच्चियों के परिजनों के द्वारा आस पास, रिश्तेदारों ,पड़ोसियों में पता साजी की गई कहीं पता नहीं चला। उन्हें संदेह है कि चारों बच्चियों को किसी व्यक्ति के द्वारा बहला फुसलाकर भगा कर ले जाया गया है।

चूंकि मामला एक साथ चार नाबालिक बच्चियों के गुमने से संबंधित था, व गुम बच्चियों की उम्र क्रमशः 13, वर्ष 14 व 15 वर्ष थी, अतः मामले की अतिसंवेदनशीलता के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर थाना में गुम इंसान व 137(2) बी एन एस के तहत मामला पंजीबद्ध कर, एस डी ओ पी जशपुर चंद्र शेखर परमा के नेतृत्व में गुम बच्चों को ढूंढने एक पुलिस टीम गठित की गई, व पुलिस के मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, पुलिस के द्वारा सूचना के चंद घंटों में मुखबिर व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से, चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत ही, चारों नाबालिक बच्चियों को ढूंढ निकाला गया, पुलिस की पूछताछ पर चारों नाबालिक बच्चियों ने बताया कि वे चारों घूमने के लिए, अपने परिजनों को बिना बताए निकले थे।

पुलिस के द्वारा चारों नाबालिक बच्चियों को चाइल्ड लाइन जशपुर के द्वारा काउंसलिंग कराई जाकर, सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। किसी भी गुम बच्चियों के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।
मामले की कार्यवाही व गुम बच्चियों की सकुशल बरामदगी में एस डी ओ पी जशपुर चंद्र शेखर परमा, चौकी प्रभारी आरा उप निरीक्षक समरेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक विद्यासागर, आरक्षक बेलसाजर कुजूर व जयपाल केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

थाना जशपुर क्षेत्रांतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना जशपुर क्षेत्रांतर्गत एक प्रार्थी ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिक, दिनांक 12.03.25 को घर वालो को बिना बताए कहीं चली गई है, आस पास, रिश्तेदारों में पता साजी किए कहीं पता नहीं चला, रिपोर्ट दर्ज थाना सिटी कोतवाली जशपुर में गुम इंसान व 137(2) बी एन एस के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।

विवेचना दौरान पुलिस लगातार नाबालिक गुम बालिका की पता साजी कर रही थी, कि इसी दौरान 2 मई को पुलिस को परिजनों के सहयोग, मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पता चला कि गुम नाबालिक बालिका, रायगढ़ में आरोपी अजय यादव, उम्र 22 वर्ष के साथ है, जिस पर पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए, रायगढ़ जाकर गुम नाबालिक बालिका को, आरोपी अजय यादव के कब्जे से बरामद कर लिया गया। और आरोपी को हिरासत में लेकर वापस लाया गया।
पुलिस की पूछताछ पर गुम नाबालिक बालिका ने बताया कि आरोपी अजय यादव के द्वारा, तुमसे प्रेम करता हूं, शादी करूंगा कहकर, बहला फुसलाकर उसे भगा कर ले गया था, इस दौरान आरोपी अजय यादव के द्वारा उसका शारीरिक शोषण भी किया गया है। पुलिस के द्वारा आरोपी के अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर, बी एन एस की धारा 64(2)M व 4,6 पोस्को एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध करते हुए विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।







थाना सन्ना क्षेत्रांतर्गत मामले में पुलिस के द्वारा एक 10 वर्षीय नाबालिक बालक को सकुशल , अपहरण करने वाले आरोपी के कब्जे से बरामद कर, परिजनों के सुपुर्द किया गया है, व आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि सन्ना क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम के प्रार्थी ने दिनांक 21.05.25 को थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि, दिनांक 19.05.25 को वह और उसका 10 वर्षीय बेटा, घर में अकेले थे, उसकी पत्नी अपने मायके गई हुई थी, उसका बेटा अपने मां के पास जाने की जिद कर रहा था, इसी दौरान प्रार्थी का रिश्ते में मामा ससुर आरोपी सुनील राम नगेसिया, उम्र 28 वर्ष आया और बोला कि वह प्रार्थी के पत्नी के मायके गांव जा रहा है, और प्रार्थी के नाबालिक बेटे को अपने साथ ले गया, प्रार्थी के द्वारा शाम को जब अपनी पत्नी से फोन कर, बेटे के पहुंचने बाबत पूछने पर, उसकी पत्नी ने बताया कि आरोपी सुनील राम नगेसिया, उसके बेटे को नहीं लाया है, जिस पर प्रार्थी के द्वारा आरोपी सुनील से संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर उससे संपर्क नहीं हो पाया, प्रार्थी के द्वारा दिनांक 20.05.25 को भी आरोपी सुनील राम नगेसिया से संपर्क करने की कोशिश करते हुए, आस- पास, पता – साजी किया गया, कहीं पता नहीं चला।

रिपोर्ट पर थाना सन्ना आरोपी सुनील राम नगेसिया के विरुद्ध बी एन एस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया, व बच्चे की पता साजी भी की जा रही थी,।
पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से 21 मई को अपहृत बालक को आरोपी सुनील राम नगेसिया के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया गया है व आरोपी सुनील राम नगेसिया को विधिवत, गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस महिलाओं व बच्चों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है,पुलिस के द्वारा छः गुम बच्चों को दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया गया है। ऑपरेशन मुस्कान जारी रहेगा।



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