धान खरीदी में बड़ी गड़बड़ी! कलेक्टर के छापे से मचा हड़कंप, 3 प्राधिकृत अधिकारी तत्काल हटाए गए
धान खरीदी में बड़ी गड़बड़ी! कलेक्टर के छापे से मचा हड़कंप, 3 प्राधिकृत अधिकारी तत्काल हटाए गए
महासमुंद।
धान खरीदी केंद्रों में चल रही अव्यवस्था पर आखिरकार प्रशासन का कड़ा वार हो गया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के औचक निरीक्षण में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद जिले के तीन प्राधिकृत अधिकारियों को पद से हटा दिया गया, जिससे सहकारी समितियों में हड़कंप मच गया है।
12 दिसंबर को कलेक्टर लंगेह ने धान खरीदी केंद्र मोंगरापाली और गांजर का निरीक्षण किया, जबकि एक दिन पहले केवां केंद्र का जायजा लिया गया था। तीनों केंद्रों में हालात देखकर प्रशासन भी चौंक गया।
⚠️ निरीक्षण में क्या-क्या निकला गड़बड़?
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि—
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धान की स्टेकिंग बेहद अव्यवस्थित थी
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नए और पुराने बारदानों पर समिति का मार्का और स्टेंसिल तय मानकों के अनुसार अंकित नहीं थे
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मिलरों द्वारा दिए गए बारदानों की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई
इन खामियों के कारण धान खरीदी व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी।
🚨 किस पर गिरी गाज?
गंभीर लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए—
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गुलशन बघेल (प्राधिकृत अधिकारी, पैक्स मोंगरापाली)
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पुनितराम सिन्हा (प्राधिकृत अधिकारी, पैक्स गांजर)
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नेपाल साहू (प्राधिकृत अधिकारी, पैक्स रिसीकेला)
को उनके पद से पृथक कर दिया।
🔥 कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि—
“धान खरीदी केंद्रों में शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।
स्टेकिंग, बारदाना गुणवत्ता और मार्किंग में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे, और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सीधी और सख्त कार्रवाई होगी।