हिंदुओं के पक्ष में फैसला देने वाले जज के समर्थन में 36 पूर्व जज—महाभियोग प्रस्ताव पर न्यायपालिका में सस्पेंस
जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर पूर्व न्यायाधीशों ने जताया विरोध, कहा—यह न्यायपालिका पर हमला है

मद्रास हाईकोर्ट के जज को मिला पूर्व जजों का समर्थन
मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ पेश महाभियोग प्रस्ताव को लेकर 36 पूर्व जजों ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया।
जस्टिस स्वामीनाथन ने 1 दिसंबर को मंदिर और दरगाह से जुड़े मामले में हिंदुओं के पक्ष में फैसला दिया था।
इसके बाद 9 दिसंबर को प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया गठबंधन के 107 सांसदों ने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया।
⚖️ पूर्व न्यायाधीशों की प्रतिक्रिया
पूर्व न्यायाधीशों ने कहा—
“जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव न्यायपालिका पर हमला है। किसी जज के निर्णय के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरा है।”
🔍 सियासी और न्यायिक टकराव
यह मामला अब राजनीतिक और न्यायिक विवाद का केंद्र बन गया है। जज के फैसले और उसके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संसद के हस्तक्षेप पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
⚡ निष्कर्ष
36 पूर्व जजों के समर्थन से जस्टिस स्वामीनाथन के साहस और निष्पक्षता को बल मिला है।
अब सवाल यह है—
👉 क्या महाभियोग प्रस्ताव से न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा?
👉 राजनीतिक दबाव के बीच जज का फैसला कितना टिकाऊ रहेगा?
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