किण्डर वैली प्ले स्कूल में उतरा बचपन, ‘छई-छपा-छई’ और रेन डांस के साथ बच्चों ने मनाया समर कार्निवल

रायगढ़। आंखों पर रंगीन चश्मा, स्विमिंग ड्रेस में सजे नन्हे चेहरे और चारों ओर गूंजती खिलखिलाहट… पहली नजर में सब कुछ किसी सपने जैसा खूबसूरत लग रहा था। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, किण्डर वैली प्ले स्कूल का यह समर कार्निवल सिर्फ एक साधारण आयोजन नहीं, बल्कि यादों में बस जाने वाला अनोखा अनुभव बनता चला गया।
शनिवार को रामलीला मैदान स्थित स्कूल परिसर में पढ़ाई की जगह केवल उत्साह और मस्ती का माहौल था। गर्मी की छुट्टियों से पहले आयोजित इस खास कार्निवल में बच्चों ने ‘छई-छपा-छई’ की धुन पर पानी में जमकर मस्ती की। पूल में उतरते ही मासूमों की दुनिया जैसे बदल गई—हंसी, शोर और पानी की छींटों के बीच बचपन खुलकर सामने आ गया।
जब हर कोना बन गया किसी थीम पार्क का हिस्सा
स्कूल परिसर को इस तरह सजाया गया था मानो कोई रंगीन दुनिया अचानक जमीन पर उतर आई हो। फोटो बूथ पर बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। कोई मुस्कुराते सूरज के साथ पोज दे रहा था, तो कोई तरबूज और रंगीन छातों के बीच अपनी अलग दुनिया रच रहा था। हर क्लिक में कैद हो रही थी मासूमियत की वो झलक, जो पल भर में दिल को छू जाए।
पानी में मस्ती या कुछ और?
पूल में तैरती रंग-बिरंगी गेंदें और बच्चों की बेफिक्र अठखेलियां… सब कुछ सामान्य था, लेकिन उस माहौल में कुछ ऐसा था जो हर किसी को देर तक देखने पर मजबूर कर रहा था। बच्चे पानी में कूदते, एक-दूसरे पर छींटे उड़ाते और ठहाके लगाते रहे। उनकी हंसी में एक अजीब सी ऊर्जा थी—जैसे पूरा बचपन उसी पल में सिमट आया हो।
डीजे की धुन और रेन डांस का अलग ही रंग
जैसे ही डीजे की आवाज गूंजी, माहौल और भी जीवंत हो उठा। बच्चों ने पूल के भीतर ही रेन डांस शुरू कर दिया। पानी की लहरों और संगीत की थाप के बीच उनका उत्साह चरम पर था। हर कोई बस उस पल को जी रहा था—बिना किसी चिंता, बिना किसी रोक-टोक।
फ्रूट्स पार्टी के साथ सेहत का संदेश
मस्ती के बाद बच्चों के लिए खास फ्रूट्स पार्टी का आयोजन किया गया। तरबूज, खरबूजा, अंगूर और आम से सजी नन्ही मेजों ने पूरे माहौल को संतुलित कर दिया। इस पहल का मकसद बच्चों को जंक फूड से दूर रखकर स्वस्थ खान-पान की ओर प्रेरित करना था।
बचपन के साथ सीख भी
स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती रीनू थवाईत ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का हिस्सा है।
स्टाफ बना बच्चों का साथी
इस आयोजन को सफल बनाने में नम्रता चौहान, खुशबू जोगी, दिव्या यादव, अहिल्या दीदी और काजल का विशेष योगदान रहा। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी हर खुशी में भागीदारी निभाई।
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