चक्रधर समारोह 2025:छत्तीसगढ़ की बेटी आरू साहू ने लोकगीतों से सजाया मंच, भक्ति और संस्कृति से सराबोर हुआ रायगढ़

Uncategorized August 30, 2025 • रिपोर्टर: raigarh top news
चक्रधर समारोह 2025:छत्तीसगढ़ की बेटी आरू साहू ने लोकगीतों से सजाया मंच, भक्ति और संस्कृति से सराबोर हुआ रायगढ़

चक्रधर समारोह 2025:छत्तीसगढ़ की बेटी आरू साहू ने लोकगीतों से सजाया मंच, भक्ति और संस्कृति से सराबोर हुआ रायगढ़

चक्रधर समारोह 2025:छत्तीसगढ़ की बेटी आरू साहू ने लोकगीतों से सजाया मंच, भक्ति और संस्कृति से सराबोर हुआ रायगढ़

हे मईया झुप-झूप महु ला नचाई दे, मेरे राम आयेंगे, सुवा, गौरी-गौरा, राउत नाचा” जैसे पारंपरिक गीतों से वातावरण हुआ संगीतमय

रायगढ़, 29 अगस्त 2025// अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह के तीसरे दिन छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोकगायिका आरू साहू ने अपनी मधुर आवाज़ और मनमोहक प्रस्तुतियों से ऐसा संगीतमय वातावरण बनाया कि दर्शक झूम उठे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीगणेश की वंदना से हुआ। इसके बाद आरू साहू ने “हे मईया झुप-झूप महु ला नचाई दे, मेरे राम आयेंगे, सुवा, गौरी-गौरा, राउत नाचा” मटकी म बासी और चुटकी म नून और बस्तरिया जैसे पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए, जिनसे पूरा वातावरण लोक-सुगंध से भर उठा। वहीं “हरे रामा, हरे कृष्णा, जो भी दिल से पुकारे दिल से तुझको, उसकी विपदा पल में कटी” सेवा में बाग लगाए हो मां जैसे भक्ति गीतों ने समारोह को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया। दर्शकों ने जय-जौहार और तालियों की गूंज से आरू साहू का स्वागत किया। उनके साथी कलाकारों ने भी “बजरंग बली गली-गली में नाम हे” और अन्य भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

बता दे कि धमतरी जिले की बेटी आरू साहू ने अपने जीवन की शुरुआत से ही संगीत के प्रति गहरी रुचि दिखाई। आरू ने मात्र 11 वर्ष की उम्र में ईटीवी भारत जैसे मंच पर प्रस्तुति देकर सबका ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद उनकी आवाज़ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गूंजने लगी। वर्ष 2022 में आयोजित “बर्न टू शाइन” प्रतियोगिता में वे शीर्ष 30 में स्थान प्राप्त कर विजेता बनीं। अब तक वे 45 से अधिक पुरस्कार अपने नाम कर चुकी हैं। हाल ही में 2 जुलाई 2025 को रिलीज़ हुए उनके भजन “सेवा में बाग लगाए मईया” को अपार लोकप्रियता मिली है। साथ ही, उन्होंने टीईडीएक्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी अपनी संगीत यात्रा और संस्कृति के प्रति समर्पण को साझा कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। आरू साहू ने अपनी प्रस्तुतियों से चक्रधर समारोह के मंच को भक्ति और संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।

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