रायगढ़ में शासकीय संगीत महाविद्यालय की स्थापना गौरव की बात- लक्ष्मी प्रसाद बघेल
रायगढ़ में शासकीय संगीत महाविद्यालय की स्थापना गौरव की बात- लक्ष्मी प्रसाद बघेल
मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री, राज्यसभा सांसद और कलेक्टर का किया आभार
महाराजा चक्रधर सिंह के नाम पर हो संगीत महाविद्यालय का नामकरण
संगीत प्रेमियों को प्रवेश हेतु किया आह्वान
खैरागढ़। शासकीय संगीत महाविद्यालय की स्थापना, विगत 19 वर्षों की बहुप्रतीक्षित मांग, इसके प्रथम मांगकर्ता लक्ष्मी प्रसाद बघेल शास्त्रीय गायन प्रवीण, स्नात्कोत्तर राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि रायगढ़ में शासकीय संगीत महाविद्यालय की स्थापना हो चुकी है। जो कि रायगढ़ के कला प्रेमी युवक युवतियों के लिए गर्व का विषय है। प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसकी अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। प्रवेश हेतु आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। प्रवेश हेतु नोडल अधिकारी डॉ. आनंद शर्मा मोबाईल नंबर 9827898200 तथा आवश्यक मार्गदर्शन हेतु 9131584308 पर संपर्क कर सकते हैं।
श्री बघेल ने कहा कि आज से 19 वर्ष पहले चक्रधर समारोह के मंच पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल माननीय के.एम सेठ जी को रायगढ़ में शासकीय संगीत महाविद्यालय की स्थापना को लेकर पहली बार ज्ञापन सौंपा गया था। इसके साथ-साथ अनेक बार छ.ग. शासन के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षामंत्री, कलेक्टर एवं राजपरिवार के सदस्य (वर्तमान में राज्यसभा सांसद) श्री देवेन्द्र कुमार सिंह को भी ज्ञापन सौंपकर संगीत महाविद्यालय खुलवाने हेतु मांग की गई थी। छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कार्यवाही पूर्व में प्रारंभ भी की गई थी जिसका पत्र कलेक्टर महोदय, प्राचार्य डिग्री कॉलेज के साथ साथ पत्र की प्रतिलिपि श्री बघेल को भी भेजी गई थी। पूर्व मे भी श्री बघेल छत्तीसगढ़ के समस्त महाविद्यालयों एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में संगीत के प्राध्यापक एवं शिक्षक का पद स्वीकृत करते हुए भर्ती करने की मांग की थी। ताकि संगीत के उपाधि धारक व्यक्तियों को रोजगार के अवसर मिल सकें। विदित हो कि रायगढ़ में विगत 41 वर्षो से चक्रधर समारोह का आयोजन गरिमामयी ढंग से होते आ रहा है। इसकी पहचान राष्ट्रीय, अंर्तराष्ट्रीय स्तर की हो चुकी है। फलस्वरूप रायगढ़ में संगीत के लिए अनुकूल माहौल निर्मित हुआ है।
महाराजा चक्रधर सिंह के सांगीतिक योगदानों के कारण रायगढ़ जिला का नाम संपूर्ण भारत वर्ष सहित विदेशों में भी चला है। ऐसी स्थिति में रायगढ़ में संगीत महाविद्यालय जो कि राजकुमारी इंदिरा सिंह कला एवं संगीत महाविद्यालय से संबद्ध है, की स्थापना होना रायगढ़ के युवाओं, नवशिक्षार्थियों और आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत ही उपयोगी और कारगर सिद्ध होगा। यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही देश और समाज में अपना नाम भी रोशन कर सकते हैं।
श्री बघेल ने महाविद्यालय की स्थापना हेतु छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री, राज्यसभा सांसद एवं कलेक्टर महोदय का रायगढ़ की कला प्रेमी जनता की ओर से आभार व्यक्त किया है।