महिला के घर में घुसकर मारपीट और लूट के आरोप में घिरे बालको थाने के ASI समेत 6 पुलिसकर्मी, JMFC कोर्ट ने जारी किया समन
महिला के घर में घुसकर मारपीट और लूट के आरोप में घिरे बालको थाने के ASI समेत 6 पुलिसकर्मी, JMFC कोर्ट ने जारी किया समन
रायगढ़ । बहुचर्चित पुलिस ज्यादती मामले में कोरबा के न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी ने बालको थाना और रजगामार चौकी के 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक परिवाद पर सुनवाई करते हुए सभी को न्यायालय में तलब किया है। कोर्ट ने इस मामले में 4 दिसंबर की तारीख नियत की है।
प्रार्थी राजमणि अग्रवाल की ओर से यह परिवाद मिश्रा चेम्बर, रायगढ़ के सीनियर अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्रा एवं आशीष कुमार मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया है।
आरोपितों में बालको थाना के सहायक उपनिरीक्षक अजय सिंह, महिला आरक्षक जलवेश कंवर, आरक्षक गजेन्द्र रजवाड़े, आरक्षक अनिल कुमार साहू तथा रजगामार चौकी के प्रधान आरक्षक गुरुवार सिंह और आरक्षक कृष्णा पटेल शामिल हैं। इनके विरुद्ध भा.द.वि. की धारा 341, 342, 452, 427, 182, 211, 323, 354, 166, 166ए के तहत अपराध पंजीबद्ध करने हेतु परिवाद दायर किया गया है।
क्या है मामला
परिवाद के अनुसार 29 मार्च को सुबह 7:10 बजे सादे कपड़ों में उक्त पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर अजय सिंह के साथ प्रार्थिया राजमणि अग्रवाल के घर में जबरन घुस गए। आरोप है कि महिला के साथ छेड़छाड़ व धक्का-मुक्की की गई, घर का डीवीआर और 2,200 रुपये लूट लिए गए तथा पति अजय अग्रवाल, ननद सुधा अग्रवाल और पुत्र अर्पित अग्रवाल के साथ मारपीट की गई। पीड़िता का कहना है कि इसकी रिपोर्ट कहीं दर्ज नहीं की गई।
आगे आरोप है कि पीड़िता के पुत्र को अवैध रूप से हिरासत में लेकर फर्जी मामले में रिमांड हेतु न्यायालय में पेश किया गया था, जिसे न्यायालय ने अवैध ठहराते हुए रिमांड आवेदन खारिज कर दिया था और डीजीपी रायपुर व एसपी कोरबा को संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इस मामले को लेकर अजय अग्रवाल द्वारा हाईकोर्ट में याचिका WPCR No. 370/2026 दायर की गई थी। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने 16 जुलाई 2026 के आदेश में एसपी कोरबा को ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसकी सख्त हिदायत दी थी। एसपी द्वारा शपथपत्र में बताया गया था कि विवेचना अधिकारी को विभागीय दंड दिया गया है।
न्यायालय में प्रार्थिया व उसके पति का बयान दर्ज होने व दस्तावेज पेश होने के बाद कोर्ट ने सभी 6 आरोपित पुलिसकर्मियों को समन जारी कर 4 दिसंबर को उपस्थित होने का आदेश दिया है और साथ ही एसपी कोरबा से जांच प्रतिवेदन भी तलब किया है।
इस संबंध में अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्रा ने कहा कि पीड़ित महिला ने न्याय के अंतिम विकल्प के रूप में अदालत का दरवाजा खटखटाया है और कानून के तहत अपनी जागरूकता का परिचय दिया है।