महिला आरक्षण पर सियासी जंग तेज, सड़क पर उतरी रैलियां, आरोपों की आंधी में कौन मारेगा बाजी
रायपुर में आमने-सामने बीजेपी और कांग्रेस, महिलाओं के नाम पर गर्माई सियासत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप की ऐसी जंग छिड़ी है, जिसने अब सड़क तक रूप ले लिया है।
बीजेपी ने सुभाष स्टेडियम से आक्रोश रैली निकालकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। इस रैली में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव, डिप्टी सीएम अरुण साव और महिला-बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस को महिला आरक्षण का विरोधी बताते हुए उसे “धोखेबाज पार्टी” तक करार दिया और दावा किया कि देश की महिलाएं अब कांग्रेस की असलियत समझ चुकी हैं।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस रैली को पूरी तरह सियासी ड्रामा बताते हुए पलटवार किया। कांग्रेस के महिला विंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीजेपी ने पहले 33 फीसदी महिला आरक्षण को लेकर देश को गुमराह किया और अब भीषण गर्मी में रैली निकालकर महिलाओं को परेशान किया जा रहा है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे को बीजेपी सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि असल में जमीनी स्तर पर महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा।
दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजनीति में महिला वोटर्स हमेशा से अहम भूमिका निभाती रही हैं। पिछले कई चुनावों में महिलाओं से जुड़े मुद्दे गेम-चेंजर साबित हुए हैं। यही वजह है कि अब दोनों ही प्रमुख दल इस मुद्दे को लेकर पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि महिला आरक्षण को लेकर छिड़ी यह सियासी जंग किसे फायदा पहुंचाएगी और किसके लिए यह दांव उल्टा पड़ सकता है। सड़क से लेकर सियासी मंच तक बढ़ती यह टकराव आने वाले समय में और तेज होने के संकेत दे रही है।
|
|
|
|
![]() |
![]() |
| ||






