वीर बाल दिवस 2025 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम, अदम्य साहस का परिचय देने वाले 4 बच्चों को चारों साहिबजादों की स्मृति में पुरस्कृत किया

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादे अजीत सिंह, जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया l अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले 4 बच्चों को चारों साहिबजादों की स्मृति में पुरस्कृत किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी द्वारा वीर बाल दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
इन चारो बच्चों ने साहस का रास्ता चुना है। जो भी साहस का रास्ता चुनता है, उसका नाम इतिहास में गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की तरह ही स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है और उन्हें देश कृतज्ञता से नमन करता है। श्री साय ने कहा कि इतनी छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने वीरता की जो मिसाल दिखाई, वह अनुकरणीय हैl इतनी छोटी आयु में अपनी आस्था के लिए उन्होंने सर्वाेच्च बलिदान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत की। श्री साय ने कहा कि हम सबके लिए गौरव की बात है कि हमारा जन्म उस देश में हुआ, जहां गुरु गोबिंद सिंह अवतरित हुए। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ की भूमि आनंदपुर साहिब है। महाराष्ट्र के नांदेड साहिब में वे दिव्य ज्योति में लीन हो गये। देश का कतरा-कतरा गुरु गोबिंद सिंह के शौर्य की कहानी कहता है।साहिबजादों का संघर्ष और बलिदान हर देशभक्त के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
निश्चित रूप से इस पहल से बच्चों में शौर्य जगाने की जो अलख जगाई गई, उसके लिए हम प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं। जब हम साहिबजादों के जीवन का अवलोकन करते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के संस्कार और शिक्षाओं पर गर्व होता है, जो उन्होंने अपने बालकों को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की। इस पंथ के माध्यम से उन्होंने आस्था के प्रतीकों को बचाने के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया।
इस अवसर पर साँसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधि और आयोजक गण तथा बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे l
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