Jashpur News: जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन अंकुश’; गौ-तस्करी का शातिर फरार आरोपी जागेश्वर झारखंड सीमा के पास गिरफ्तार

जशपुर। जिले में गौ-तस्करी और पशु क्रूरता के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। जशपुर की आस्ता पुलिस ने पिछले एक महीने से फरार चल रहे झारखंडी गौ-तस्कर जागेश्वर लकड़ा को धर-दबोचा है। यह आरोपी जनवरी महीने में गौ-वंशों को बेरहमी से हांककर झारखंड की ओर ले जा रहा था, तभी से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 18.01.26 की रात्रि करीबन 08.00 बजे थाना आस्ता पुलिस को ग्राम खोंगा के ग्ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि ग्राम खोंगा के ग्रामीण रास्ते से दो संदिग्ध व्यक्ति, कुछ गौ वंशों को बेरहमी पूर्वक मारते पीटते हुए, पैदल हांक कर जल्दी जल्दी, झारखंड राज्य की ओर ले जा रहे हैं, जिस पर थाना आस्ता पुलिस के द्वारा मामले के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, तत्काल ग्राम खोंगा रवाना हुआ गया,जहां पुलिस ने पाया कि ग्रामीणों के द्वारा एक संदिग्ध व्यक्ति को 04 नग गौ वंशों सहित पकड़ कर रखा गया है, पूछताछ पर पकड़े गए संदिग्ध आरोपी ने अपना नाम बनर्जी भगत उम्र 55 वर्ष , निवासी ग्राम डड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर ( छ. ग) का रहने वाला बताया था और बताया था कि वह अपने साथी के साथ उक्त गौ वंशों को झारखंड ले जा रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर उसके फरार साथी जागेश्वर लकड़ा उम्र 58 वर्ष, निवासी ग्राम गोविंदपुर झारखंड को भी चिन्हित कर लिया था। जिसकी पता साजी की जा रही थी। पुलिस के द्वारा मौके से 04 नग गौ वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया है व पशु चिकित्सक से गौ वंशों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।
पुलिस फरार आरोपी जागेश्वर लकड़ा उम्र 58 की लगातार पता साजी कर रही थी, इसी दौरान पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि आरोपी जागेश्वर लकड़ा, मनोरा क्षेत्र में देखा गया है, जिस पर थाना आस्ता पुलिस के द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए, मनोरा क्षेत्र से घेराबंदी कर फरार आरोपी जागेश्वर लकड़ा को हिरासत में लिया गया।
पुलिस की पूछताछ पर आरोपी जागेश्वर लकड़ा उम्र 58 वर्ष के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक अर्जुन यादव, प्रधान आरक्षक कोसमोस बड़ा, संदीप एक्का आरक्षक अनिल भगत व सुमन टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
|
|
|
|
![]() |
![]() |
| ||






