आधी रात पकड़ा गया धान तस्करी का खेल! ओडिशा का 120 बोरी धान जब्त, कोचिया–ड्राइवर समेत 4 पर FIR
लैलूंगा में गुप्त जांच ने खोली साजिश, 1.86 लाख की अवैध खेप पकड़ी—पहले भी पकड़े जा चुके थे आरोपी

रायगढ़।
रायगढ़ जिले में धान तस्करी पर करारा प्रहार करते हुए पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने ओडिशा से लाया गया 120 बोरी धान पकड़ लिया है। यह कार्रवाई लैलूंगा थाना क्षेत्र में देर रात की गई, जहां अवैध धान को खरीदी केंद्रों में खपाने की पूरी साजिश बेनकाब हो गई। मामले में पिकअप चालक और कोचिया समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पाकरगांव–लैलूंगा मार्ग पर घेराबंदी
संयुक्त जांच दल देर रात पाकरगांव से लैलूंगा मार्ग पर औचक निरीक्षण कर रहा था। इसी दौरान दो पिकअप वाहनों को रोककर जांच की गई। तलाशी में सामने आया कि दोनों वाहनों में ओडिशा से लाया गया धान लदा हुआ था, जिसे लैलूंगा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों में खपाने की तैयारी थी।
बिना लाइसेंस, बिना दस्तावेज—सीधे पकड़े गए
लैलूंगा में पदस्थ खाद्य निरीक्षक खुशीराम नायक ने बताया कि दोनों पिकअप वाहन बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के चलाए जा रहे थे।
वाहन चालकों की पहचान सुनील कुमार यादव (ग्राम जमुना) और निरंजन यादव (ग्राम डोंगादरहा) के रूप में हुई। जब उनसे धान परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
120 बोरी, 1.86 लाख की खेप
जांच में दोनों वाहनों से 60-60 बोरी, कुल 120 बोरी धान बरामद किया गया। इस धान की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 86 हजार रुपये बताई जा रही है। मौके पर मौजूद ग्राम रूडुकेला निवासी शेखर जायसवाल और कृष्ण जायसवाल से पूछताछ में सामने आया कि पूरी तस्करी योजना इन्हीं दोनों कोचियों द्वारा संचालित की जा रही थी।
पहले भी पकड़े गए, फिर दोहराई तस्करी
जांच टीम ने यह भी खुलासा किया कि यही पिकअप वाहन पहले भी अवैध धान परिवहन के मामले में पकड़े जा चुके हैं। इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा बिना अनुमति धान लाकर बेचने की कोशिश की, जिससे उनकी नियत और नेटवर्क साफ तौर पर उजागर हो गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने सुनील कुमार यादव, निरंजन यादव, शेखर जायसवाल और कृष्ण जायसवाल के खिलाफ
धारा 3(5)-BNS, 318(4)-BNS और 62-BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश और विस्तृत जांच जारी है।
प्रशासन का सख्त संदेश
खाद्य निरीक्षक खुशीराम नायक ने कहा कि अवैध धान परिवहन और बिक्री पर रोक लगाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या खाद्य विभाग को दें।
इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि छत्तीसगढ़ में धान तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने संयुक्त टीम के सतर्क और प्रभावी निरीक्षण की सराहना करते हुए उन्हें प्रशंसा पत्र और पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
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