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ना चावल की भीख, ना मसालों का सहारा! दुनिया को चौंकाने वाला ये देश खुद उगाता है सबकुछ, 186 देशों में बना अकेली मिसाल

Nature Food की स्टडी में खुलासा—दक्षिण अमेरिका का छोटा सा देश गुयाना 100% फूड सेल्फ-सफिशिएंट, ग्लोबल संकट में भी नहीं झुका

दुनिया आज फूड सिक्योरिटी के सबसे बड़े संकट से जूझ रही है। कहीं अनाज की कमी, कहीं सब्ज़ियां महंगी, तो कहीं मसालों के लिए भी आयात पर निर्भरता। कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध और सप्लाई चेन के टूटने ने कई देशों की पोल खोल दी है। लेकिन इसी दौर में एक छोटा सा देश ऐसा भी है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

यह देश है गुयाना—दक्षिण अमेरिका के उत्तरी तट पर बसा महज 9 लाख आबादी वाला देश, जिसने साबित कर दिया कि अगर नीति सही हो तो आत्मनिर्भरता कोई सपना नहीं।

186 देशों में अकेला 100% आत्मनिर्भर

Nature Food जर्नल (2025) की स्टडी के मुताबिक, गुयाना दुनिया का इकलौता देश है जो सभी सात जरूरी फूड ग्रुप्स में 100% सेल्फ-सफिशिएंट है।
इनमें शामिल हैं—

  • फल

  • सब्जियां

  • डेयरी



















  • मांस

  • मछली

  • प्लांट-बेस्ड प्रोटीन (बीन्स, नट्स)

  • स्टार्ची स्टेपल्स (चावल, कैसावा)

स्टडी बताती है कि गुयाना को किसी भी देश से फूड आयात करने की जरूरत नहीं पड़ती।

खेत, जंगल और नदियां—तीनों का सही इस्तेमाल

गुयाना के उपजाऊ तटीय मैदान चावल, कैसावा, सोयाबीन, सब्जियों और पोल्ट्री के लिए आदर्श हैं। नदियों से भरपूर देश में फिशिंग मजबूत है और पशुपालन से मांस की जरूरत पूरी होती है।
हैरानी की बात यह है कि देश ने 85% से ज्यादा मूल जंगल संरक्षित रखे हैं, फिर भी कृषि उत्पादन में रिकॉर्ड बनाया है।

मसाले भी बाहर से नहीं मंगवाता

सिर्फ अनाज या सब्जियां ही नहीं, गुयाना अदरक, हल्दी और काली मिर्च जैसे मसाले भी खुद उगाता है।
यही वजह है कि ग्लोबल सप्लाई चेन के टूटने का इस देश पर कोई असर नहीं पड़ा।

निवेश बढ़ा, प्रोडक्शन उड़ा

2020 से 2025 के बीच गुयाना में कृषि निवेश 468% तक बढ़ा, जिससे उत्पादन में जबरदस्त तेजी आई।

  • 2023 में 10,000 एकड़ में कॉर्न और सोयाबीन

  • 2025 तक यह रकबा 25,000–30,000 एकड़ तक पहुंचा

  • रेड बीन्स और ब्लैक-आई पीज में 2024 तक पूरी आत्मनिर्भरता

गुयाना अब CARICOM देशों की जरूरतें भी पूरी करने की स्थिति में है।

युवाओं को खेती से जोड़ा

सरकार ने युवाओं को एग्री-बिजनेस की ट्रेनिंग दी।

  • 200 से ज्यादा शेड हाउस बने

  • ब्रोकली, गाजर जैसी हाई-वैल्यू फसलें उगाई जा रही हैं

  • हनी प्रोडक्शन 2023 में 2,600 गैलन से बढ़कर 2024 में 30,000 गैलन पहुंच गया

सरकार की स्मार्ट पॉलिसी बनी ताकत

फर्टिलाइजर सपोर्ट, VAT हटाना और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश ने किसानों की कमर मजबूत की।

दुनिया के लिए सबक

जहां चीन और वियतनाम 7 में से 6 फूड ग्रुप्स में ही आत्मनिर्भर हैं, वहीं गुयाना ने सभी सातों में 100% हासिल कर इतिहास रच दिया।

यह कहानी बताती है कि लोकल क्लाइमेट के हिसाब से फसलें चुनकर, नेचर के साथ तालमेल और स्मार्ट पॉलिसी से छोटा देश भी पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन सकता है।



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