सरकारी नौकरी का झांसा, 45 लाख का चूना!… कांकेर से फर्जी अधिकारी गिरफ्तार, 25 लोगों को ठगी का शिकार…
दुर्ग: नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही बड़ी ठगी का खुलासा

सरकारी नौकरी का झांसा, 45 लाख का चूना!… कांकेर से फर्जी अधिकारी गिरफ्तार, 25 लोगों को ठगी का शिकार…
दुर्ग: नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही बड़ी ठगी का खुलासा
दुर्ग। जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 45 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने कांकेर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को मंत्रालय में बड़ा अधिकारी बताकर 25 बेरोजगारों को अपने जाल में फँसाया और उनसे रकम ऐंठी।
मामला अंजोरा चौकी क्षेत्र का है। ठगी का मास्टरमाइंड अरुण मेश्राम (54 वर्ष) पिछले तीन साल से फरार था और कांकेर में किराये के मकान में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने 14 अक्टूबर को घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई 2022 को ग्राम चिरचार निवासी संतराम देशमुख ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी भेषराम और रविकांत देशमुख ने अरुण मेश्राम के साथ मिलकर नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लिए, लेकिन वादा पूरा नहीं किया।
पूछताछ में अरुण मेश्राम ने स्वीकार किया कि तीनों ने 20-25 लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम ऐंठी। उन्होंने ठगी की रकम आपस में बांट ली थी। अपने हिस्से से अरुण ने कांकेर में 15 लाख रुपए का प्लॉट खरीदा और पिछले तीन साल से इसी रकम से घर खर्च चला रहा था।
पहले ही भेषराम और रविकांत गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होंने कबूल किया था कि उन्होंने मंत्रालय में अफसरों से जान-पहचान होने का फायदा उठाकर लोगों को भरोसे में लिया और लाखों की ठगी की।
पुलिस अब ठगी के शिकार अन्य लोगों की पहचान और ठगी की रकम से खरीदे गए अन्य संपत्तियों की जांच कर रही है।
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