एवरेस्ट की मौत भरी राह पर निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, 9 अप्रैल को दुनिया की सबसे खतरनाक चोटी पर होगा फैसला
काठमांडू के लिए रवाना होगी अमिता श्रीवास, पहले भी जीत चुकी हैं किलिमंजारो की जंग, अब सबसे बड़ी परीक्षा बाकी

रायपुर। बर्फ, तूफान और मौत के साए के बीच दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक चोटी पर तिरंगा फहराने का सपना लेकर छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास एक बार फिर इतिहास रचने निकल पड़ी हैं। 9 अप्रैल को वह काठमांडू के लिए रवाना होंगी, जहां से उनकी असली परीक्षा शुरू होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास में अमिता श्रीवास से मुलाकात कर उन्हें इस साहसिक अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक पर्वतारोहण नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के साहस, सपनों और आत्मविश्वास की उड़ान है।
अमिता का लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है। लेकिन यह राह आसान नहीं है। यहां हर कदम पर मौत का खतरा मंडराता है, जहां एक छोटी सी चूक जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में अमिता का यह कदम उनके अदम्य साहस और अटूट हौसले की कहानी बयां करता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि अमिता पहले ही अपनी क्षमता का लोहा मनवा चुकी हैं। वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उन्होंने माउंट किलिमंजारो को फतह कर अपनी दृढ़ता साबित की थी।
अब सबकी निगाहें इस खतरनाक मिशन पर टिकी हैं। क्या अमिता श्रीवास इस बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लहरा पाएंगी या एवरेस्ट की बर्फीली चुनौतियां उनके हौसले को रोक पाएंगी, इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने होगा।
फिलहाल पूरे प्रदेश और देश की दुआएं उनके साथ हैं, और हर कोई उसी पल का इंतजार कर रहा है जब अमिता एवरेस्ट की चोटी से भारत का गौरव ऊंचा करेंगी।
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