अंबिकापुर में चिटफंड का ‘महाजाल’: नमनाकला के दफ्तर से उड़ गए इनवेस्टरों के 9.26 करोड़, दो गिरफ्तार

अंबिकापुर : रकम दोगुना करने का झांसा देकर उत्तर छत्तीसगढ़ के सैकड़ों लोगों से करीब नौ करोड़ 26 लाख रुपये की ठगी करने वाले वेलफेयर बिल्डिंग एण्ड इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़े दो आरोपितों को सरगुजा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने सरगुजा समेत आसपास के जिलों में गरीब, अशिक्षित और जनजातीय निवेशकों को कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा कराए और बाद में कंपनी बंद कर दी।
मामले में थाना गांधीनगर पुलिस ने इनामी चिटफंड और धन परिचालन स्कीम अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपित अखिलेश प्रजापति व बलराम पाठक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। दोनों आरोपित झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले हैं।
सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर लंबे समय से लंबित आर्थिक अपराधों में कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में थाना गांधीनगर में दर्ज चिटफंड धोखाधड़ी मामले की विवेचना के दौरान दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण की शुरुआत चार सितंबर 2024 को हुई थी, जब कमलेश्वरपुर मैनपाट निवासी देवराज यादव ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वेलफेयर बिल्डिंग एण्ड इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालकों और पदाधिकारियों ने निवेशकों को रकम दोगुनी करने का प्रलोभन देकर बड़ी रकम जमा कराई।
कार्यालय बंद
बाद में कंपनी का कार्यालय बंद कर दिया गया और निवेशकों की रकम वापस नहीं की गई।जबकि उन्हें बांड पेपर दिए गए थे। संपूर्णता तिथि बताई गई थी लेकिन मियाद अवधि पूरी हो जाने के बाद भी उन्हें रकम वापस नहीं मिल पाई।जांच के दौरान पुलिस ने निवेशकों से पूछताछ कर बॉण्ड पेपर, रसीदें, मेमोरेंडम और अन्य दस्तावेज जब्त किए। विवेचना में सामने आया कि कंपनी में निवेशकों द्वारा कुल नौ करोड़ 26 लाख 60 हजार 554 रुपये जमा किए गए थे। पुलिस के अनुसार कंपनी ने अंबिकापुर के नमनाकला स्थित कार्यालय से एजेंटों का नेटवर्क तैयार किया था। स्थानीय एजेंटों को कमीशन देकर चैन सिस्टम के जरिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के संचालकों ने रिजर्व बैंक या किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना धन संग्रहण और निवेश योजना संचालित की। ग्रामीण क्षेत्रों के सीधे-सादे लोगों को ऊंचे रिटर्न का भरोसा दिलाकर उनसे रकम जमा कराई गई। कंपनी के दस्तावेजों और निवेशकों के बयानों के आधार पर धोखाधड़ी और अवैध धन परिचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
विवेचना के दौरान पुलिस ने सिंगड़ूरिया गांव थाना सतबरवा जिला पलामू झारखंड निवासी अखिलेश कुमार प्रजापति और लोहड़ी गांव थाना लेस्लीगंज जिला पलामू झारखंड निवासी बलराम पाठक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने कंपनी के प्रचार-प्रसार और निवेश योजना के संचालन में भूमिका स्वीकार की। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग कंपनी के डायरेक्टरों से संपर्क में किया जाता था। प्रकरण में पुलिस ने इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 की धाराओं तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा के तहत कार्रवाई की है।
दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस प्रकरण में पुलिस को कंपनी के डायरेक्टर के संबंध में भी जानकारी मिली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उप निरीक्षक अभिषेक दुबे, आरक्षक ऋषभ सिंह, अरविंद उपाध्याय, अमृत सिंह, अतुल सिंह के साथ अन्य पुलिस कर्मियों ने कई स्थानों पर छापेमारी कर दोनों को पकड़ने में सफलता पाई।
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