CG में खाद वितरण घोटाले पर बड़ा एक्शन; 4 उर्वरक विक्रेताओं पर FIR के निर्देश, 26 के लाइसेंस पहले ही निलंबित

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में यूरिया उर्वरक के अनियमित वितरण को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर 4 निजी उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यूरिया उर्वरक वितरण में अनियमितता
मिली जानकारी के अनुसार, उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने उर्वरक निरीक्षक बागबाहरा एवं सरायपाली को मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली, मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली, आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा और जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया के संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इन फर्मों पर 16 मार्च 2026 से 29 मार्च 2026 के बीच अनियमित तरीके से यूरिया उर्वरक वितरण करने का आरोप है।
26 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
बताया जा रहा है कि, इससे पहले भी जिले के 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित किए जा चुके हैं। प्रशासन लगातार खाद वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
खाद वितरण में गड़बड़ी नहीं होगी बर्दाश्त
महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह ने जिले में पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि खाद वितरण में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
रकबे के अनुसार ही लें खाद, बिल जरूर लें- कलेक्टर
कलेक्टर ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे अपने रकबे के अनुसार ही उर्वरकों की खरीदी करें तथा पीओएस मशीन के जरिए ही खाद लें। साथ ही उर्वरक खरीदते समय दुकानदार से बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई निजी विक्रेता यूरिया, डीएपी या अन्य उर्वरकों की अधिक कीमत वसूलता है, तो इसकी शिकायत संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से करें।
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