
Raigarh पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ऐसे गिरोह को बेनकाब किया है, जिसने छत्तीसगढ़ से लेकर ओडिशा और मध्य प्रदेश तक लूट और उठाईगिरी की घटनाओं से दहशत फैला रखी थी।
यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर लैलूंगा पुलिस द्वारा की गई, जिसमें गिरोह के मास्टरमाइंड अरविंद प्रताप सिंह उर्फ अरविंद नट को गिरफ्तार किया गया। आरोपी का साथी ओमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी बैंक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पहले रेकी करते थे, फिर उन लोगों को निशाना बनाते थे जो बैंक से पैसा निकालकर बाहर आते थे। जैसे ही मौका मिलता, वे मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़कर या कार का शीशा तोड़कर नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
यह गिरोह पिछले एक साल में Chhattisgarh, Odisha और Madhya Pradesh के कई जिलों में सक्रिय था। पूछताछ में आरोपी ने 15 से अधिक चोरी और लूट की घटनाओं को कबूल किया है।
लैलूंगा क्षेत्र में इस साल जनवरी और अप्रैल के बीच कई बड़ी घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें मोटरसाइकिल डिक्की से लाखों रुपये की चोरी और कार के शीशे तोड़कर नकदी गायब करने जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें उस समय गिरफ्तार किया जब वे फिर से रेकी कर रहे थे।
बरामद सामान में बिना नंबर की बाइक, पेचकस और डुप्लीकेट चाबियां शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल वारदातों में किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी लूटे गए पैसों से वाहन खरीदते और बाकी रकम खर्च कर देते थे।
इस गिरफ्तारी से लैलूंगा थाना क्षेत्र के चार बड़े मामलों का खुलासा हुआ है। वहीं गिरोह का दूसरा सदस्य अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बैंक से लेन-देन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि इस तरह के संगठित अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
|
|
|
|
![]() |
![]() |
| ||






