Raigarh News: रायगढ़ में अनोखी शादी: दूल्हा-दुल्हन ने जलते अंगारों में चलकर पूरी की रस्में, गंधेल गोत्र की परंपरा, कई पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा

रायगढ़ April 28, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News: रायगढ़ में अनोखी शादी: दूल्हा-दुल्हन ने जलते अंगारों में चलकर पूरी की रस्में, गंधेल गोत्र की परंपरा, कई पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा

Raigarh News: रायगढ़ में अनोखी शादी: दूल्हा-दुल्हन ने जलते अंगारों में चलकर पूरी की रस्में, गंधेल गोत्र की परंपरा, कई पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा

 

 

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ऐसी अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें दूल्हा-दुल्हन ने पारंपरिक सात फेरों के साथ-साथ जलते अंगारों पर चलकर विवाह की रस्में पूरी कीं। यह परंपरा कोई नई नहीं, बल्कि दशकों से आदिवासी समाज में चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी आस्था और विश्वास के साथ निभाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित बिलासपुर गांव में राठिया परिवार के गंधेल गोत्र में यह अनोखी परंपरा आज भी जीवित है। शादी के बाद जब दुल्हन को घर लाया जाता है, तो घर के देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद मंडप में जलते अंगारे बिछाए जाते हैं। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन के साथ परिवार के सदस्य नंगे पांव इन अंगारों पर चलकर रस्में पूरी करते हैं।

घर के मुखिया पर देवता सवार होने की मान्यता

परंपरा के अनुसार, मंडप में बकरे की बलि देने के बाद घर के मुखिया पर देवता सवार होने की मान्यता है। इसके बाद वे नाचते-गाते हुए मंडप में अंगारे बिछाते हैं और पूरे अनुष्ठान का नेतृत्व करते हैं। इस दौरान दूल्हा-दुल्हन समेत कई लोग अंगारों पर चलते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि किसी के पैरों में जलन या चोट नहीं होती।

परिवार के सदस्य रखते हैं उपवास
परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस परंपरा के दौरान कई लोग उपवास रखते हैं और पानी तक ग्रहण नहीं करते। दुल्हन के घर आने के बाद सबसे पहले एक बकरे की बलि देकर उसके खून से तिलक लगाया जाता है, फिर घर में प्रवेश कराया जाता है। इसके बाद मंडप में दूसरी बलि दी जाती है और फिर अंगारों पर चलने की रस्म पूरी होती है।

परंपरा नहीं निभाई गई, तो देवी-देवता होंगे नाराज
गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। हर शादी में इस रस्म को निभाना अनिवार्य माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर यह परंपरा नहीं निभाई गई, तो देवी-देवता नाराज हो सकते हैं और परिवार पर विपत्ति आ सकती है।

अनोखी शादी को देखने उमड़ती है भीड़
इस अनोखी शादी को देखने के लिए न केवल गांव, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जलते अंगारों पर चलते दूल्हा-दुल्हन का यह दृश्य लोगों के लिए कौतूहल और आस्था का केंद्र बना हुआ है।

फिलहाल यह अनोखी शादी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस परंपरा को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

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