छत्तीसगढ़
मिट्टी के घर से वर्ल्ड चैंपियन तक… इस बेटी ने अकेले दिलाए 16 प्वाइंट्स, अब मिला 50 लाख का सम्मान
छत्तीसगढ़ की संजू देवी बनीं गर्व की पहचान, MVP प्रदर्शन के बाद पहली बार इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

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रायपुर। एक छोटे से गांव की बेटी ने ऐसा कमाल कर दिखाया कि आज पूरा प्रदेश उस पर गर्व कर रहा है। कभी अभावों में पली यह खिलाड़ी अब देश को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाली स्टार बन चुकी है—और उसके संघर्ष का इनाम अब 50 लाख रुपए के रूप में मिला है।
छत्तीसगढ़ की होनहार कबड्डी खिलाड़ी Sanju Devi को राज्य सरकार ने 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया है। यह प्रदेश के इतिहास में पहली बार है जब किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी राशि दी गई है।
यह सम्मान उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समारोह में प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संजू की उपलब्धियां सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के गौरव की पहचान हैं।
संजू देवी ने कबड्डी विश्वकप में अपने दमदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया था। फाइनल मुकाबले में भारत को मिले 35 अंकों में से 16 अंक अकेले संजू ने दिलाए थे। पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार खेल के चलते उन्हें “मोस्ट वेल्युबल प्लेयर” चुना गया था।
सिर्फ विश्वकप ही नहीं, संजू ने एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भी भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह छत्तीसगढ़ की पहली महिला कबड्डी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया।
कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार से निकलकर बहतराई कबड्डी अकादमी, बिलासपुर में प्रशिक्षण लेने वाली संजू की कहानी संघर्ष, मेहनत और जिद की मिसाल है। एक श्रमिक परिवार से आने वाली इस खिलाड़ी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को टूटने नहीं दिया।
सम्मान समारोह में यह भी संदेश दिया गया कि प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि ऐसी प्रतिभाएं आगे आ सकें।
संजू की कहानी सिर्फ एक जीत की कहानी नहीं है—यह उस हौसले की कहानी है, जो हर मुश्किल को पार कर इतिहास रच देता है। अब सवाल यह नहीं कि वह कहां तक पहुंची हैं, बल्कि यह है कि आगे वह कितनी ऊंचाई छूने वाली हैं।





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